Nikki murder case: कभी दुल्हन बनकर नए जीवन की शुरुआत करने वाली निक्की आज न्याय की पुकार बन गई है. सिरसा गांव की इस बेटी की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. आरोप है कि शादी के आठ साल बाद भी दहेज के दानव शांत नहीं हुए और अंततः एक महिला को उसकी ससुराल में ही आग के हवाले कर दिया गया.
निक्की की मौत के बाद गांव से लेकर शहर तक गुस्से की लहर दौड़ गई है. परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को कासना कोतवाली पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की. “जस्टिस फॉर निक्की बहन” के नारे गूंजने लगे और प्रदर्शन में किसान संगठनों और छात्र नेताओं ने भी भाग लिया.
“पापा ने मम्मी को लाइटर से जलाया”
इस पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया एक मासूम की टूटती आवाज़ ने. निक्की के छोटे बेटे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वह साफ-साफ कह रहा है, "पापा ने मम्मी को लाइटर से जलाकर मारा." इस बयान ने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है.
एक ही परिवार में शादी, फिर भी नहीं मिली बहनों को शांति
निक्की की बहन कंचन ने बताया कि उनकी और निक्की दोनों की शादी एक ही परिवार में हुई थी. लेकिन निक्की के लिए यह रिश्ता एक खौफनाक कैद बन गया. 21 अगस्त को निक्की के साथ जमकर मारपीट की गई और फिर उसे जला दिया गया. अस्पताल ले जाते समय ही उसकी मौत हो गई. कंचन का कहना है कि उसकी बहन को जानबूझकर जलाया गया है, “जिस तरह मेरी बहन तड़प-तड़प कर मरी, वैसे ही आरोपियों को भी सज़ा मिलनी चाहिए.”
35 लाख की मांग, स्कॉर्पियो देने के बाद भी न बुझी लालच की आग
निक्की की मां वसुंधरी ने बताया कि उनकी बेटी को शादी के बाद से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. आए दिन मारपीट और पैसों की मांग की जाती थी. शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और अन्य सामान देने के बावजूद ससुराल वालों की 35 लाख की मांग जारी रही. कई बार बेटी को मायके बुलाया, लेकिन पंचायतों के बाद फिर समझौता कर वापस भेज दिया गया. मां का दर्द अब एक ही सवाल में सिमट गया है, “कब मिलेगा हमारी बेटी को इंसाफ?”
आरोपियों पर दर्ज हुआ केस, पति हिरासत में, अन्य की तलाश जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है. कासना कोतवाली में निक्की की बहन की तहरीर पर पति विपिन भाटी, जेठ रोहित, सास दया और ससुर सतवीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. एडीसीपी सुधीर कुमार के अनुसार, मुख्य आरोपी विपिन को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.
न्याय की मांग बनी जन-आंदोलन
निक्की की मौत अब सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं रही. यह घटना एक चेतावनी बनकर उभरी है कि दहेज की लालसा आज भी कितनी खतरनाक है. ग्रामीणों की एक ही मांग है: दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि निक्की की मौत बेवजह न जाए.
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