गुजरात की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 17 अक्टूबर को अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार करते हुए 19 नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई. इस फेरबदल में कुछ पुराने मंत्रियों को बरकरार रखा गया है तो वहीं कई नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं.
भूपेंद्र पटेल के पास अहम विभाग
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के पास सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी बरकरार रखी गई है. यह दर्शाता है कि राज्य सरकार का प्रशासनिक संचालन सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के नियंत्रण में रहेगा.
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को मिला बड़ा पोर्टफोलियो
अब तक गृह राज्य मंत्री रहे हर्ष संघवी को उपमुख्यमंत्री का दर्जा दिया गया है. उन्हें गृह, जेल, पुलिस आवास, सीमा सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा, मद्य निषेध, परिवहन, विधि एवं न्याय, खेल एवं युवा सेवाएं जैसे अहम विभाग सौंपे गए हैं. इससे यह साफ है कि उन्हें राज्य की आंतरिक सुरक्षा से लेकर कानून व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है.
किस मंत्री को मिला कौन-सा विभाग?
कनुभाई मोहनलाल देसाई को वित्त, शहरी विकास और शहरी आवास विभाग सौंपा गया है. ऋषिकेश गणेशभाई पटेल को ऊर्जा और पेट्रोरसायन, पंचायत एवं ग्रामीण आवास, तथा विधायी एवं संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. रीवाबा रवींद्रसिंह जडेजा, जो भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी हैं, को प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा विभाग की कमान सौंपी गई है. वरिष्ठ नेता जितेंद्रभाई वाघाणी को कृषि और किसान कल्याण, सहकारिता, मत्स्य पालन, और पशुपालन जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभाग दिए गए हैं.
कुनवरजीभाई बावलिया को श्रम, कौशल विकास और ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं नरेशभाई मगनभाई पटेल को आदिवासी विकास, खादी ग्रामोद्योग और ग्रामीण उद्योग मंत्रालय सौंपा गया है. अर्जुनभाई मोढवाडिया को वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग दिए गए हैं. वहीं डॉ. प्रद्युमन वाजा को सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षा जैसे सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं. रमणभाई सोलंकी को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले का भार सौंपा गया है.
पुराने मंत्रियों का इस्तीफा और कुछ की वापसी
इस फेरबदल के बाद गुजरात मंत्रिपरिषद में कुल मंत्रियों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. पूर्व मंत्रिमंडल के 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था, लेकिन उनमें से छह को दोबारा मौका मिला है. खासतौर पर हर्ष संघवी और प्रफुल्ल पानसेरिया ने फिर से मंत्री पद की शपथ ली, जहां संघवी को उपमुख्यमंत्री और पानसेरिया को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया.
रिवाबा जडेजा की एंट्री से बना राजनीतिक माहौल
इस बार की कैबिनेट में सबसे चौंकाने वाला नाम रहा रिवाबा जडेजा का. उनकी गिनती नए चेहरों में की जा रही है और उनकी नियुक्ति को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है. उन्हें शिक्षा मंत्रालय देकर राज्य में महिला सशक्तिकरण और युवाओं में नेतृत्व की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है.
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