भारत में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. विदेशी कंपनियों के बजाय घरेलू सॉल्यूशंस को अपनाने की पहल तेजी से बढ़ रही है. इसी दिशा में एक बड़ा कदम अब गुजरात सरकार ने उठाया है. राज्य सरकार ने अपने सभी ऑफिसेज़ के हेड्स ऑफ डिपार्टमेंट (HODs) को आदेश दिया है कि वे अपने ऑफिस वर्क के लिए अब Zoho Mail और Zoho Office Suite का इस्तेमाल करें.
यह फैसला विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी एक सर्कुलर के तहत लिया गया है, जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत प्रयास है. देश की एक देसी कंपनी को समर्थन देना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि सरकारी नीति का हिस्सा बनता जा रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्री भी कर चुके हैं Zoho को अपनाने की घोषणा
गुजरात सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब Zoho देशभर में चर्चाओं में है. कुछ ही दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी ज़ोहो मेल पर स्विच करने की जानकारी X (पूर्व में ट्विटर) पर दी थी. उन्होंने अपने पोस्ट में न सिर्फ Zoho Mail को अपनाने की बात कही बल्कि अपनी नई ऑफिशियल ईमेल आईडी भी सार्वजनिक की. इस घोषणा के बाद Zoho की ओर से भी उनका आभार जताया गया.
एक भारतीय कंपनी, जो बन रही है ग्लोबल दिग्गजों की चुनौती
Zoho Corporation, जिसकी स्थापना श्रीधर वेम्बू ने की थी, आज भारत की उन गिनी-चुनी कंपनियों में है जो Microsoft, Google और Meta जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों को सीधी चुनौती दे रही है. कंपनी का मुख्यालय भले ही तमिलनाडु में हो, लेकिन इसका प्रभाव अब वैश्विक स्तर पर बढ़ता जा रहा है. Zoho के पास इस समय 45 से अधिक बिजनेस टूल्स और ऐप्लिकेशन हैं जो विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करते हैं. जैसे कि डॉक्यूमेंट एडिटिंग, ईमेल, डेटा एनालिटिक्स, CRM, और बहुत कुछ. खास बात यह है कि ये सभी सेवाएं बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं, जिससे छोटे और मझोले बिजनेस के लिए ये एक व्यवहारिक विकल्प बन जाते हैं.
Arattai: देसी मैसेजिंग ऐप पर भी नजरें
Zoho का एक और प्रोडक्ट जो सुर्खियों में है, वह है Arattai — एक इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जो भारत में WhatsApp का एक देसी विकल्प बनता जा रहा है. इसमें टेक्स्टिंग और कॉलिंग दोनों की सुविधा है, हालांकि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है. श्रीधर वेम्बू ने बताया है कि उनकी टीम इस पर काम कर रही है और नवंबर तक यह फीचर लाइव हो जाएगा.
क्यों बन रहा है Zoho सरकार की पहली पसंद?
स्वदेशी प्लेटफॉर्म होने के कारण इसे सरकारी स्तर पर प्राथमिकता मिल रही है. डाटा सुरक्षा को लेकर ज़ोहो की नीतियां भारत में ही डेटा होस्टिंग को बढ़ावा देती हैं.किफायती कीमतों और व्यापक टूल्स के चलते यह छोटे और बड़े दोनों तरह के संगठनों के लिए उपयुक्त विकल्प है. साथ ही, भारत सरकार के कई शीर्ष अधिकारियों द्वारा इसके इस्तेमाल से आम लोगों का भरोसा भी बढ़ा है.
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