'कश्मीर पाकिस्तान और पंजाब खालिस्तान बन जाएगा...' हाफिज सईद के आतंकी ने भारत के खिलाफ उगला जहर

जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त किया, तो इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को "आतंकवाद से पीड़ित देश" बताकर मासूम दिखाने की कोशिश की.

Hafiz Saeeds terrorist spewed venom against India
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- Internet

इस्लामाबाद: जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त किया, तो इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को "आतंकवाद से पीड़ित देश" बताकर मासूम दिखाने की कोशिश की. लेकिन सच्चाई एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है. पाकिस्तान की धरती से आतंकवादियों की जहरीली बयानबाज़ी न केवल जारी है, बल्कि खुले मंचों पर, सैकड़ों लोगों की भीड़ में, उसे बढ़ावा भी दिया जा रहा है.

ताजा मामला लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर आमिर हमजा का है, जो हाल ही में कसूर (पाकिस्तान) में एक जनसभा में भारत विरोधी भाषण देते हुए देखा गया. मंच से उसने खुलेआम कश्मीर और पंजाब को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने और खालिस्तान की वकालत करने जैसे उकसावेभरे बयान दिए.

कश्मीर पाकिस्तान बन जाएगा- आमीर

आतंकवादी आमीर ने कहा कि "कश्मीर पाकिस्तान बन जाएगा, जम्मू पाकिस्तान बन जाएगा, भारतीय पंजाब खालिस्तान बन जाएगा...." आमीर हमजा के भाषण से साफ पता चलता है कि पाकिस्तान की कथनी और करनी में कितना फर्क है और वो कैसे आतंकवादियों का पनाहगार बना हुआ है.

कौन है आमिर हमजा?

आमिर हमजा सिर्फ एक प्रचारक नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित और कट्टरपंथी आतंकवादी है, जो लश्कर-ए-तैयबा में रणनीतिक और ऑपरेशनल स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है.

  • 1959 में जन्मा, और बाद में "मौलाना" बना यह व्यक्ति आज भारत विरोधी जहरीले प्रचार का चेहरा बन चुका है.
  • अमेरिकी वित्त विभाग ने इसे एक प्रतिबंधित आतंकवादी घोषित किया है, जो कई वर्षों से भारत-विरोधी गतिविधियों में सक्रिय है.

सूत्रों के मुताबिक, आमिर हमजा का संबंध 2005 के IISc बेंगलुरु हमले से भी जोड़ा गया है, एक घटना जिसने भारत की उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी आतंक के निशाने पर ला दिया.

पाकिस्तान की दोहरी नीति फिर बेनकाब

  • यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तानी धरती से भारत के खिलाफ खुलेआम जहर उगला गया हो.
  • एक तरफ पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के सामने खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है,
  • दूसरी तरफ उसी जमीन पर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के नेता आज़ाद घूमते हैं, रैलियां करते हैं, और भारत के खिलाफ नफरत फैलाते हैं.

आमिर हमजा जैसे आतंकी का सार्वजनिक मंच पर सक्रिय होना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की "आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति केवल दिखावा है.

आतंकवाद की फंडिंग और भारत की सुरक्षा

  • इस पूरी स्थिति का एक और चिंताजनक पहलू है — भारत के खिलाफ आतंक फैलाने वाले इन नेटवर्क्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही वित्तीय सहायता.
  • हमजा जैसे आतंकियों के भाषण सिर्फ सीमापार उकसावे नहीं हैं,
  • बल्कि यह प्रशिक्षण, फंडिंग और आतंकी मॉड्यूल्स को सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा हैं.
  • इन बयानों का उद्देश्य स्पष्ट है — कश्मीर, पंजाब और पूरे भारत में उथल-पुथल पैदा करना.

भारत को चाहिए ठोस वैश्विक कार्रवाई

  • भारत ने बार-बार वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की मांग की है.
  • यह समय है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय "स्ट्रैटेजिक ब्लाइंडनेस" को त्यागे और पाकिस्तान में पल रहे ऐसे खतरनाक नेटवर्क्स के खिलाफ ठोस कदम उठाए.
  • भारत को चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र, FATF, और अमेरिकी प्रशासन से इस बात की मांग करे कि न केवल आमिर हमजा जैसे आतंकियों को सूचीबद्ध किया जाए,

बल्कि पाकिस्तानी संस्थानों और सरकारों की भूमिका की गहन जांच की जाए, जो ऐसे लोगों को संरक्षण देते हैं.

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