तेल अवीव/गाजा: गाजा पट्टी के दक्षिणी हिस्से राफा क्षेत्र में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. हमास ने साफ कर दिया है कि सुरंगों और बंकरों में फंसे उसके करीब 200 लड़ाके इजरायली सेना के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे. संगठन की सैन्य शाखा इज़्ज़ेद्दीन अल-क़स्साम ब्रिगेड ने बयान जारी कर कहा है कि "हमारे योद्धा आखिरी सांस तक लड़ेंगे और सरेंडर का सवाल ही नहीं उठता."
इस बीच, इजरायली सेना (IDF) ने राफा की सुरंगों को कंक्रीट और रेत से भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि हमास के लड़ाके बाहर न निकल सकें. इस कार्रवाई के चलते बंकरों में फंसे इन 200 लड़ाकों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है. बताया जा रहा है कि इजरायल यह कदम युद्धविराम का उल्लंघन किए बिना, “रणनीतिक सुरक्षा” के तहत उठा रहा है.
आत्मसमर्पण का सवाल ही नहीं- हमास
हमास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि "हमारे लड़ाके स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहे हैं और आत्मसमर्पण का विकल्प हमारी विचारधारा में नहीं है." संगठन ने इजरायल को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि "इजरायल सुरंगों में फंसे लोगों को जिंदा दफनाने की कोशिश कर रहा है."
हमास ने मध्यस्थ देशों- मिस्र, कतर और तुर्की से अपील की है कि वे इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकालें ताकि युद्धविराम समझौता टूटने से बच सके.
इजरायल की रणनीति और अभियान
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना ने 6 नवंबर से राफा की सुरंगों के प्रवेश द्वार सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. सेना का कहना है कि ये सुरंगें हमास के हथियारों, लड़ाकों और संचार का मुख्य नेटवर्क हैं, जो गाजा के अलग-अलग इलाकों को जोड़ता है.
इजरायली रक्षा सूत्रों ने बताया कि ये सुरंगें करीब 30 मीटर गहराई तक फैली हुई हैं और इनमें हथियार भंडारण के साथ-साथ मेडिकल और कमांड सुविधाएं भी मौजूद हैं.
सेना के प्रवक्ता के अनुसार, "हम इन सुरंगों को बंद कर रहे हैं ताकि आतंकवादी दोबारा किसी हमले की योजना न बना सकें. हमारा मकसद मानवीय संकट पैदा करना नहीं बल्कि सुरक्षा बहाल करना है."
मध्यस्थ देशों की पहल
मिस्र, कतर और तुर्की के अधिकारियों ने इस संकट को सुलझाने के लिए गहन बातचीत शुरू की है. तुर्की के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि "हम गाजा में फंसे लगभग 200 नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए प्रयास कर रहे हैं."
तुर्की ने इससे पहले भी 2014 में गाजा युद्ध के दौरान मारे गए इजरायली सैनिक हदर गोल्डिन के शव को वापस लाने में मध्यस्थता की थी. अब वह उसी तरह की प्रक्रिया के तहत मानवीय मार्ग खोलने का प्रयास कर रहा है.
मिस्र ने एक प्रस्ताव रखा है जिसके तहत सुरंगों में फंसे हमास के सदस्यों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा, बशर्ते वे अपने हथियार मिस्र को सौंप दें और भूमिगत नेटवर्क की जानकारी साझा करें ताकि उसे नष्ट किया जा सके.
निगरानी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने हाल ही में कहा, "राफा की सुरंगों में फंसे हमास लड़ाकों से संबंधित समझौता, गाजा में निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया का पहला परीक्षण साबित हो सकता है."
उन्होंने कहा कि अगर यह समाधान सफल रहता है तो यह भविष्य में हमास और इजरायल के बीच स्थायी युद्धविराम की दिशा में पहला ठोस कदम होगा.
संयुक्त राष्ट्र ने भी स्थिति पर चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा, "सुरंगों में फंसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. किसी भी तरह का सैन्य कदम मानवीय कानून के तहत होना चाहिए."
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