भारत की सेनाओं, जैसे भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना, में सेवा देने वाले अग्रिवीरों के लिए हरियाणा सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने के लिए सीधी भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इस नए बदलाव के तहत, अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा में छूट दी जाएगी. यह निर्णय उन अग्रिवीरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिन्होंने सेवा पूरी की और अब अपने भविष्य को लेकर नई दिशा की तलाश में हैं.
आयु सीमा में छूट: क्या है नया बदलाव?
हरियाणा सरकार के द्वारा किए गए इस बदलाव के अनुसार, अग्निवीरों के पहले बैच के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा में 5 साल की छूट मिलेगी. वहीं, दूसरे और तीसरे बैच के अभ्यर्थियों को यह छूट 3 साल तक मिलेगी. इस आदेश को हरियाणा के मुख्य सचिव, अनुराग रस्तोगी ने जारी किया है. सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी विभागों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों को इस आदेश का पालन करना सुनिश्चित करना होगा.
हरियाणा के मूल निवासी अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
यह छूट खासकर हरियाणा के मूल निवासी अग्निवीरों को दी जा रही है. इसका मतलब यह है कि केवल हरियाणा राज्य के निवासी, जिन्होंने अग्निवीर के रूप में सेवा की है, वे ही इस आयु सीमा में छूट का लाभ उठा सकते हैं. यह बदलाव उन अग्निवीरों के लिए एक बड़ी राहत है जो अब सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते हैं.
अग्निवीर भर्ती का इतिहास: हरियाणा से 7000 से अधिक अग्निवीर
अब तक हरियाणा राज्य से 7,000 से अधिक अग्निवीरों की भर्ती हो चुकी है. 2022 में अग्निवीरों का पहला बैच भर्ती हुआ था, और यह बैच 4 साल की सेवा के बाद 2027 में रिटायर हो जाएगा. पहले बैच में हरियाणा से 2227 अग्निवीर भर्ती हुए थे. इसके बाद, 2023-24 में 2893 अग्निवीरों की भर्ती की गई, और 2024-25 में 2108 अग्निवीरों का चयन हुआ. इस प्रकार, हरियाणा से अब तक कुल 7000 से अधिक अग्निवीर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना में शामिल हो चुके हैं.
अग्निवीर सेवा: एक नया मॉडल
अग्निवीर सेवा भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना में भर्ती का एक नया मॉडल है, जिसमें युवा सैनिकों को 4 साल के लिए भर्ती किया जाता है. इस दौरान, 25% अग्निवीरों को उनकी सेवा पूरी करने के बाद स्थायी रूप से सेवा में बनाए रखा जाता है, जबकि 75% सैनिक 4 साल की सेवा के बाद रिटायर हो जाते हैं. हालांकि, रिटायर होने वाले इन 75% अग्निवीरों को भविष्य में सरकारी नौकरियों में वरीयता दी जाएगी, और राज्य सरकारें इस पहल को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं.
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