हॉन्ग-कॉन्ग में हुए हादसे में बढ़ा मौत का आंकड़ा...कई लापता; धूं-धूं कर जली बिल्डिंग

हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो ज़िले में बुधवार दोपहर वह दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया. वांग फुक कोर्ट नामक विशाल आवासीय परिसर में अचानक भड़की आग इतनी तेज़ी से फैली कि मिनटों में ऊंची इमारतें धधकती दिखाई देने लगीं.

Hong Kong massive fire at engulf residential towers 44 died 300 missing
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हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो ज़िले में बुधवार दोपहर वह दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया. वांग फुक कोर्ट नामक विशाल आवासीय परिसर में अचानक भड़की आग इतनी तेज़ी से फैली कि मिनटों में ऊंची इमारतें धधकती दिखाई देने लगीं. करीब 2,000 फ्लैटों वाले इस परिसर में उठे काले धुएं के गुबार आसमान तक फैल गए और लोग घरों से निकलने के लिए चीखते-भागते दिखे. इस विनाशकारी हादसे में अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 300 लोग अब भी लापता हैं. राहत और बचाव का काम युद्धस्तर पर जारी है.


सरकारी अधिकारियों के अनुसार आग का आरंभ स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर 2:51 बजे हुआ. शुरूआत में यह एक टॉवर में दिखी, लेकिन जल्द ही 31 मंजिला इमारतों की कई मंजिलों तक फैल गई. आग की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए फायर सर्विसेज़ विभाग ने इसे "लेवल-5 अलार्म फायर" घोषित किया—जो हॉन्ग कॉन्ग में आग की सबसे खतरनाक श्रेणी मानी जाती है.

44 मौतों की पुष्टि, 300 लोग लापता

प्रशासन ने अब तक 44 मृतकों की पुष्टि की है. इनमें एक 37 वर्षीय फायरफाइटर भी शामिल है, जिसने फंसे लोगों को बचाने की कोशिश में अपने प्राण गंवाए. अधिकारियों ने उसे "अत्यंत साहसी और कर्तव्यपरायण" बताते हुए श्रद्धांजलि दी.लापता लोगों की संख्या अभी भी चिंताजनक है. करीब 300 व्यक्तियों का कोई पता नहीं लग पाया है. प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग इमारतों के अंदर फंसे हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल सही संख्या बताना मुश्किल है. धुआं, जलती संरचनाएं और संकरी सीढ़ियां राहतकर्मियों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं.

700 से अधिक फायरफाइटर्स मौके पर तैनात

इस समय 700 से ज्यादा फायरफाइटर्स घटनास्थल पर मौजूद हैं. वे लगातार आग पर काबू पाने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हैं. कई जगह हाइड्रॉलिक सीढ़ियों की मदद से ऊंची मंजिलों पर पानी की बौछारें की जा रही हैं. लाइव फुटेज में देखा गया कि तेज़ लपटों और घने धुएं के बीच भी राहतकर्मी बिना रुके अपनी जिम्मेदारी निभाते नज़र आए.आग बुझाने के प्रयासों के पीछे रात-दिन का संघर्ष जारी है और उम्मीद यही है कि लापता लोगों में से अधिक से अधिक को सुरक्षित निकाला जा सके.

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