हूती विद्रोहियों ने UN के 24 कर्मचारियों को बंधक बनाया, सना में दफ्तर पर किया कब्जा; जानें पूरी घटना

UN Action Houthi: यमन में पहले से जारी गृहयुद्ध और मानवीय संकट के बीच एक नया और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. राजधानी सना में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के दफ्तर को घेर लिया है और वहां कार्यरत 24 अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है.

Houthi rebels take 24 UN staff hostage seize office in Sanaa
Image Source: Social Media/X

UN Action Houthi: यमन में पहले से जारी गृहयुद्ध और मानवीय संकट के बीच एक नया और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. राजधानी सना में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के दफ्तर को घेर लिया है और वहां कार्यरत 24 अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब यमन में हाल ही में इजराइली हमलों के कारण अस्थिरता और बढ़ गई है.

एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, जिन अधिकारियों को बंधक बनाया गया है, वे संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों जैसे विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), यूनिसेफ (UNICEF) और मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) से जुड़े हुए हैं. इन संस्थाओं की टीमें यमन में राहत और पुनर्वास कार्यों में लगी थीं.

हूतियों का आरोप: जासूसी कर रहे थे अधिकारी

हूती लड़ाकों ने आरोप लगाया है कि ये यूएन अधिकारी राहत कार्यों की आड़ में जासूसी कर रहे थे. विद्रोहियों का कहना है कि उन्हें इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं और वे इन कर्मचारियों पर औपचारिक रूप से मुकदमा चलाने की तैयारी कर रहे हैं.

अगर हूतियों द्वारा लगाया गया जासूसी का आरोप साबित होता है, तो इन अधिकारियों को यमन की शरिया-आधारित कानूनी व्यवस्था के तहत मौत की सजा भी दी जा सकती है.

दफ्तर पर भी कब्जा, संचार माध्यम जब्त

सिर्फ अधिकारियों को ही नहीं, हूती लड़ाकों ने यूएन के सना स्थित दफ्तर को पूरी तरह सीज कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, वहां मौजूद संचार उपकरण, टेलीविज़न और कार्यालयीन दस्तावेज़ों को भी जब्त कर लिया गया है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन अधिकारियों को कहां रखा गया है.

इजराइल-हूती टकराव की पृष्ठभूमि में घटना

इस पूरी घटना की पृष्ठभूमि में हाल ही में हुआ इजराइल का हमला है, जिसमें हूती विद्रोहियों के वरिष्ठ कमांडर अली गमारी की हत्या कर दी गई थी. इजराइल का आरोप है कि हूती, ईरान के इशारे पर उसके खिलाफ लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं. बदले में इजराइल हूती ठिकानों को निशाना बना रहा है.

हूती विद्रोही लंबे समय से यमन में सत्ता को चुनौती दे रहे हैं और उन्हें ईरान का सैन्य और रणनीतिक समर्थन प्राप्त है. वहीं दूसरी ओर, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश यमन की मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करते रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी

यूएन और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता है. यूएन महासचिव कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने गोपनीयता की शर्त पर AP को बताया कि वे बंधक बनाए गए अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं और जल्द से जल्द उन्हें छुड़ाने के लिए राजनयिक माध्यमों से प्रयास हो रहे हैं.

इस घटना से यह साफ हो गया है कि यमन का संकट केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं, बल्कि एक वैश्विक मानवीय चुनौती बनता जा रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएं भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं.

यह भी पढ़ें- दीपावली पर पीएम मोदी का विशेष संदेश, जनता से की ये खास अपील; जानें क्या-क्या कहा