इजरायल और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है. बुधवार को यमन स्थित ईरान-समर्थित हूती लड़ाकों ने इजरायल के दक्षिणी शहर इलात पर एक घातक ड्रोन हमला किया, जिससे कम से कम 22 लोग घायल हो गए. इस हमले ने इजरायल की उस उन्नत मिसाइल डिफेंस प्रणाली को भी चकमा दे दिया, जिस पर देश को अब तक गर्व था.
इजरायल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा मगन डेविड एडोम के मुताबिक, हमले में घायल हुए लोगों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है, क्योंकि उनके शरीर में धातु के टुकड़े और छर्रे लगे हैं. बताया गया है कि घायलों को तात्कालिक रूप से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
हूती विद्रोहियों का दावा: हमने भेजे थे दो ड्रोन
हूती गुट ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने दो ड्रोन इलात की ओर भेजे थे. इजरायली सेना ने बताया कि उन्होंने ड्रोन को रोकने की कोशिश की, लेकिन इस बार तकनीक काम नहीं आई और दोनों ड्रोन लक्ष्य तक पहुंच गए.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "इजरायल को चोट पहुँचाने की कोशिश करने वालों को हम सात गुना जवाब देंगे. कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा."
यह पहली बार नहीं है जब हूती विद्रोही इजरायल पर हमला करने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, अब तक किए गए अधिकतर हमले या तो रोक दिए गए या निर्जन इलाकों में गिरकर निष्प्रभावी रहे. लेकिन इस बार के हमले ने इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गाजा में इजरायली हमलों का कहर जारी
इस हमले के जवाब में या उससे इतर, गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य अभियान ने और भी अधिक आक्रामक रुख अपना लिया है. बुधवार को गाजा सिटी और नुसेरात रिफ्यूजी कैंप में हुए इजरायली हमलों में कम से कम 41 फिलीस्तीनियों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
अल-अहली अस्पताल के निदेशक डॉ. फदेल नईम के अनुसार, विस्थापित लोगों के एक टेंट कैंप पर हुए हमले में 22 लोग मारे गए, जिनमें 3 बच्चे और 9 महिलाएं थीं. इजरायली सेना ने दावा किया कि उनका निशाना हमास के दो लड़ाके थे और नागरिकों की जान बचाने के लिए उन्होंने "सटीक हथियारों" का इस्तेमाल किया.
वहीं, अल-अवदा अस्पताल ने बताया कि केंद्रीय गाजा के नुसेरात कैंप में हुए एक और हमले में 12 लोगों की जान चली गई, और 18 अन्य घायल हुए हैं.
वेस्ट बैंक और संयुक्त राष्ट्र में भी गूंज
इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में भी हालात शांत नहीं हैं. उत्तरी शहर जेनिन के पास इजरायली सेना ने एक 24 वर्षीय फिलीस्तीनी युवक को गोली मार दी. सेना का आरोप है कि युवक ने उनके सैनिकों पर विस्फोटक फेंका था.
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भी गाजा और मध्य पूर्व की स्थिति पर तीखी बहस देखने को मिली. अमेरिकी प्रतिनिधियों और डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ ने एक नई शांति योजना की घोषणा की संभावना जताई है, जिसे 'ट्रंप की 21-सूत्री शांति योजना' कहा जा रहा है.
विटकॉफ ने न्यूयॉर्क में आयोजित एक सम्मेलन में कहा, "हमने इस योजना पर कई अरब नेताओं से बातचीत की है. यह इजरायल और उसके पड़ोसी देशों की सुरक्षा और राजनीतिक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बड़ा ऐलान हो सकता है."
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