'हम इजरायल के हवाई अड्डों को बार-बार...' मिसाइल हमले के बाद हूतियों की इंटरनेशनल एयरलाइंस को चेतावनी

यमन स्थित ईरान समर्थित हूती संगठन ने इज़राइल के खिलाफ अपनी गतिविधियों को तेज करते हुए इज़रायली हवाई अड्डों को निशाना बनाने की घोषणा की है.

Houthis warn international airlines after missile attack
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

सना: यमन स्थित ईरान समर्थित हूती संगठन ने इज़राइल के खिलाफ अपनी गतिविधियों को तेज करते हुए इज़रायली हवाई अड्डों को निशाना बनाने की घोषणा की है. हाल ही में हुए मिसाइल हमले के बाद समूह ने इज़राइल पर 'हवाई नाकेबंदी' का दावा किया और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे की उड़ानों को रोकने की सलाह दी है.

हवाई हमले जारी रहेंगे- हूती प्रवक्ता

हूती आंदोलन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने कहा कि यह कदम गाजा में चल रहे सैन्य अभियान के विरोध में उठाया गया है. सना स्थित हूती-समर्थित टेलीविजन चैनल अल-मसीरा पर जारी एक बयान में सारी ने कहा, "हम इज़रायली हवाई अड्डों, विशेष रूप से बेन गुरियन को निशाना बनाना जारी रखेंगे, ताकि गाजा में जारी सैन्य कार्रवाइयों का जवाब दिया जा सके."

उन्होंने यह भी कहा कि हूती बल इज़राइल की हवाई गतिविधियों को बाधित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं और यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए चेतावनी

हूती प्रवक्ता ने विश्वभर की एयरलाइनों से आग्रह किया है कि वे इज़रायली हवाई अड्डों के लिए उड़ानों को स्थगित करें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. संगठन ने चेतावनी दी है कि इज़रायली हवाई क्षेत्रों में संभावित खतरों के चलते यह फैसला यात्रियों और क्रू के हित में जरूरी है.

बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला

रविवार को हूती समूह ने एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो इज़राइल के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 के पास गिरी. इस हमले में छह लोगों को मामूली चोटें आईं.

इज़राइली सेना ने बताया कि मिसाइल को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन तकनीकी कारणों से रक्षा प्रणाली विफल रही. अमेरिकी THAAD प्रणाली का उपयोग भी किया गया था, लेकिन वह भी प्रभावी नहीं हो सकी.

इज़राइल की जवाबी कार्रवाई

इस हमले के बाद इज़राइली वायु सेना ने यमन के हुदैदाह शहर में एक बड़ा हवाई हमला किया. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में करीब 20 लड़ाकू विमानों ने रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया.

क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक चिंता

हूती संगठन द्वारा इज़रायल के खिलाफ की गई ये कार्रवाइयाँ मध्य-पूर्व में पहले से जारी तनाव को और गहरा कर रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव जारी रहता है, तो इससे न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात और नागरिक यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में आ सकती है.

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इन घटनाओं पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयासों को दोबारा तेज करने की ज़रूरत महसूस की जा रही है.

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