US Military Operation: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर जैसे-जैसे नए विवरण सामने आ रहे हैं, यह साफ होता जा रहा है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि महीनों की योजना और अभ्यास का नतीजा थी. अमेरिका द्वारा चलाए गए इस अभियान को “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम दिया गया था, जिसे बेहद कम समय में अंजाम दिया गया.
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अभियान की सक्रिय कार्रवाई 30 मिनट से भी कम समय में पूरी कर ली गई और इसके कुछ ही घंटों बाद वेनेजुएला में मादुरो का शासन व्यावहारिक रूप से खत्म हो गया.
बताया जा रहा है कि जिस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर अपनी सेहत से जुड़ी पोस्ट साझा कर रहे थे, उसी समय वेनेजुएला में मादुरो के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका था. अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान में इसे एक अत्यंत गोपनीय और उच्च प्राथमिकता वाला मिशन माना गया.
महीनों से चल रही थी तैयारी
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन की योजना और सैन्य अभ्यास कई महीनों से किए जा रहे थे. खुफिया एजेंसियों और सेना के बीच लगातार समन्वय बना हुआ था. अभियान शुरू होते ही इसे बेहद तेजी से अंजाम दिया गया, ताकि किसी तरह का लंबा टकराव या अनियंत्रित स्थिति न पैदा हो.
मादुरो पर रखी गई थी बारीक नजर
हमले से पहले के दिनों में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के तटों के पास अपनी सैन्य मौजूदगी धीरे-धीरे बढ़ा दी थी. इसके साथ ही अमेरिकी खुफिया एजेंसियां राष्ट्रपति मादुरो की दिनचर्या पर बारीकी से नजर रखे हुए थीं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, मादुरो कहां ठहरते हैं, किस समय कहां जाते हैं, उनकी आदतें क्या हैं, यहां तक कि उनके पहनावे और निजी दिनचर्या से जुड़ी जानकारियां भी जुटाई गई थीं. बताया गया है कि अभ्यास के लिए मादुरो के निवास की हूबहू नकल तक तैयार की गई थी, ताकि किसी भी स्थिति में सैनिकों को आश्चर्य न हो.
बिजली आपूर्ति ठप, शहर में सन्नाटा
डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा कारणों से वेनेजुएला के एक बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी. इसका उद्देश्य संचार बाधित करना और ऑपरेशन को बिना किसी रुकावट के पूरा करना था.
उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि मादुरो जिस स्थान पर थे, वह किसी किले से कम नहीं था. अमेरिकी सैन्य नेतृत्व के अनुसार, इस तरह के मिशनों में गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती, इसलिए बार-बार अभ्यास और समीक्षा की जाती है.
आखिरी क्षण में ट्रंप की मंजूरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने रात करीब 10:46 बजे (ईस्टर्न टाइम) इस मिशन को अंतिम मंजूरी दी. इसके बाद कुछ ही घंटों में ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. बताया जाता है कि अमेरिकी बलों ने मौसम साफ होने का इंतजार किया, ताकि विमान और हेलिकॉप्टर सुरक्षित तरीके से उड़ान भर सकें.
150 से ज्यादा विमान, बहुस्तरीय हमला
अभियान के दौरान अमेरिकी हेलिकॉप्टरों ने पहचान से बचने के लिए समुद्र की सतह के बेहद करीब उड़ान भरी. ऊपर से लड़ाकू और सहायक विमानों ने हवाई सुरक्षा प्रदान की.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय किया गया और इसके बाद 150 से अधिक अमेरिकी विमान देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए. इसी बीच विशेष बलों को उस सैन्य ठिकाने तक पहुंचाया गया, जहां मादुरो मौजूद थे.
सुरक्षित कमरे तक पहुंचने से पहले पकड़े गए
अमेरिकी विशेष बलों ने स्टील से बने दरवाजों को तोड़ते हुए उस स्थान तक पहुंच बनाई, जहां मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस मौजूद थे. बताया गया है कि दोनों सुरक्षित कमरे में जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें रोक लिया गया.
ट्रंप के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी उपकरण मौजूद थे, ताकि मजबूत संरचनाओं को भी तोड़ा जा सके. राजधानी में कई तेज आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई.
अमेरिका ले जाए गए मादुरो और उनकी पत्नी
मादुरो और उनकी पत्नी को हेलिकॉप्टर के जरिए एक अमेरिकी युद्धपोत तक ले जाया गया, जहां से उन्हें अमेरिका रवाना किया गया. ट्रंप प्रशासन न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी कर रहा है.
इस बीच मादुरो की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें उनकी आंखों और हाथों पर नियंत्रण के उपकरण नजर आ रहे हैं. हालांकि, इस तस्वीर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
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