सही लोकेशन, सटीक हमला... फिर भी कतर में फेल हो गया मोसाद, इजरायल के हमले से कैसे बचे हमास के नेता?

दुनिया की सबसे खतरनाक और सटीक खुफिया एजेंसियों में गिने जाने वाला नाम है – मोसाद. इज़रायल की यह खुफिया एजेंसी अपने तेज़ और अचूक ऑपरेशनों के लिए जानी जाती है.

How Israel failed to kill Hamas leaders in Qatar
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दुनिया की सबसे खतरनाक और सटीक खुफिया एजेंसियों में गिने जाने वाला नाम है – मोसाद. इज़रायल की यह खुफिया एजेंसी अपने तेज़ और अचूक ऑपरेशनों के लिए जानी जाती है. लेकिन हाल ही में कतर में हुए एक हमले ने मोसाद की 'अजेय' छवि को झटका दे दिया है.

मिशन का उद्देश्य था- हमास के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाना. लेकिन इज़राइल द्वारा किए गए इस एयरस्ट्राइक के बाद हमास ने दावा किया कि उसके नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं और सिर्फ उनके कुछ सुरक्षाकर्मी और एक वरिष्ठ नेता का बेटा इस हमले में मारा गया.

अब बड़ा सवाल उठता है कि जब लोकेशन पक्की थी, जब हथियार तैयार थे, जब ऑपरेशन गोपनीय था, तो फिर आखिर मोसाद का यह मिशन नाकाम कैसे हो गया? आइए, इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं.

मिशन की पृष्ठभूमि: क्यों किया गया हमला?

इस हमले का उद्देश्य था हमास के राजनीतिक विंग (Political Bureau) को कमजोर करना और उसके शीर्ष नेतृत्व को खत्म करना.

खासतौर पर निशाना बनाया गया:

  • खलील अल-हया का निजी बंगला और कार्यालय
  • हमास के अन्य नेताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले दफ्तर
  • ऐसे ठिकाने जहां अहम मीटिंग्स होती थीं

इज़राइल ने लगभग 10 अलग-अलग लोकेशनों को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की.

हमास की रणनीति ने कैसे फेल किया मिशन?

माना जा रहा है कि हमले के वक्त इज़राइली खुफिया एजेंसियां मोबाइल फोन की लोकेशन पर आधारित इनफॉर्मेशन पर काम कर रही थीं. लेकिन हमास की सुरक्षा नीति ने इसी आधार को ध्वस्त कर दिया.

1. मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी

हमास के पोलित ब्यूरो के नेता किसी भी मीटिंग में अपने मोबाइल फोन साथ नहीं रखते. वे इन्हें अपनी गाड़ियों या सुरक्षाकर्मियों के पास छोड़ देते हैं.

2. लगातार बदलते हैं मीटिंग के स्थान

हमास नेताओं की मीटिंग्स कभी एक जगह पर नहीं होती. हर बार लोकेशन बदल दी जाती है.

इसी कारण इज़राइली स्ट्राइक में निशाना बने ठिकानों पर शायद मीटिंग कुछ देर पहले ही खत्म हुई हो, या वो नेता वहां मौजूद ही न हों.

3. सुरक्षित 'परतें' और फायरवॉल

हमास के ऑफिस और रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स इतने जटिल संरचना में हैं कि वहां एक ही परिसर में कई दफ्तर, सुरक्षाकर्मियों के कमरे और नेताओं के निजी फ्लैट मौजूद रहते हैं.

इससे भी टारगेट की पहचान और अलगाव में दिक्कत आती है.

स्ट्राइक के नतीजे: नुकसान किसे हुआ?

इस हमले में खलील अल-हया के बेटे की मौत हो गई और उनके निजी सुरक्षाकर्मी और कुछ सहयोगी भी मारे गए. हमास का दावा है कि उसके कोई भी वरिष्ठ नेता घायल नहीं हुए.

इज़राइल ने हमले के दौरान छोटे एयर बम्स (Small Precision Air Weapons) का इस्तेमाल किया था ताकि आसपास रहने वाले कतरी नागरिकों को नुकसान न पहुंचे.

लेकिन इससे एक बड़ा नुकसान यह हुआ कि –

  • इमारत को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जा सका
  • जो हथियार इस्तेमाल किए गए, उनकी विनाशक क्षमता सीमित थी
  • टारगेट को केवल "डैमेज" हुआ, "एलिमिनेट" नहीं किया जा सका

कतर की नाराज़गी और राजनयिक मोर्चा

कतर ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. कतर की सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है और सीधे तौर पर इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर कार्रवाई की मांग की है.

कतर में हमले के कारण:

  • शांति वार्ता जो गाजा को लेकर चल रही थी, रुक गई
  • कतर और इज़राइल के बीच रिश्ते और भी तनावपूर्ण हो गए हैं
  • मुस्लिम देशों में इज़राइल विरोधी भावनाएं और भड़की हैं

इज़रायली जांच एजेंसियां क्या मान रही हैं?

इज़राइल की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • नेताओं की मौजूदगी की पुष्टि 100% नहीं थी
  • हथियारों का चयन नुकसान सीमित रखने के लिए किया गया था
  • एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि जमीन से मिली जानकारी फर्जी तो नहीं थी?

यह भी कहा जा रहा है कि मोसाद और आईडीएफ (इज़राइली डिफेंस फोर्स) के बीच कोऑर्डिनेशन में कोई चूक हो सकती है.

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