Cyclone Senyar: दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान 'सेन्यार' का असर, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के मौसम पर मलक्का जलडमरूमध्य में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ और बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र का गहरा असर दिख रहा है.

Impact of cyclonic storm Senyar in South India
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

दक्षिण भारत के मौसम पर मलक्का जलडमरूमध्य में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ और बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र का गहरा असर दिख रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ये दोहरे मौसम सिस्टम अगले कुछ दिनों तक इस क्षेत्र में अस्थिरता बनाए रखेंगे और स्थानीय जीवन को प्रभावित कर सकते हैं.

चेन्नई और आसपास के तटीय जिलों में आसमान पूरी तरह बादलों से ढका हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक 28 से 30 नवंबर तक तटीय और उत्तरी जिलों में “भारी से बहुत भारी” बारिश हो सकती है. अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में बारिश का स्तर 20 सेंटीमीटर तक पहुंच सकता है, जिससे जलजमाव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है. प्रशासन ने विद्युत विभाग, जल निकासी और आपदा प्रबंधन बल को हाई अलर्ट पर रखा है.

कर्नाटक में मौसम में बदलाव

बेंगलुरु और कर्नाटक के दक्षिणी हिस्सों में फिलहाल मौसम सामान्य है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हल्के बादल छाए रहेंगे, लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 29 नवंबर तक बारिश तेज़ हो सकती है और तापमान 15-20 डिग्री तक गिर सकता है. दक्षिणी कर्नाटक में बारिश का दौर पहले शुरू होगा, जबकि बाकी इलाकों में मौसम कुछ हद तक स्थिर रहेगा.

आंध्र प्रदेश में तटीय इलाकों के लिए रेड अलर्ट

हैदराबाद में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा और रातें 19 डिग्री तक ठंडी रहेंगी. हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और यनम क्षेत्रों में 29 और 30 नवंबर को “भारी से बहुत भारी” बारिश की चेतावनी है. बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे मौसमीय सिस्टम के कारण यहां नमी और तेज हवाओं की स्थिति बनेगी.

समुद्री इलाके और मछुआरों के लिए चेतावनी

IMD ने मन्नार की खाड़ी, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु-श्रीलंका तट पर 45-55 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवा के झोंके और समुद्र की खराब स्थिति की जानकारी दी है. हवाओं की रफ्तार कुछ समय के लिए 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने मछुआरों को 30 नवंबर तक समुद्र में जाने से बचने की सख्त चेतावनी दी है.

प्रशासन की तैयारियां और इमरजेंसी प्रोटोकॉल

साइक्लोन सेन्यार और लो-प्रेशर सिस्टम के मिलने से तटीय जिलों में पानी भरने और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के प्रशासन ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए हैं. नगर निगमों और स्थानीय अधिकारियों को जल निकासी, बिजली कटौती और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाओं पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टियों या ऑनलाइन कक्षाओं के फैसले मौसम के अनुसार लिए जा रहे हैं.

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