भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार, अगले साल इंडिया दौरे पर आ सकते हैं पीएम मार्क कार्नी

Canada PM Mark Carney India Visit: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से अस्त-व्यस्त रहे संबंध अब धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ रहे हैं. इस क्रम में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अगले साल भारत की यात्रा करने वाले हैं.

Improvement in relations between India and Canada PM Mark Carney may visit India next year
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Canada PM Mark Carney India Visit: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से अस्त-व्यस्त रहे संबंध अब धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ रहे हैं. इस क्रम में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अगले साल भारत की यात्रा करने वाले हैं. यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का अवसर होगा, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को भी नई दिशा देगा.

दक्षिण अफ्रीका में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्क कार्नी को भारत आने का निमंत्रण दिया. कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री कार्नी ने 2026 की शुरुआत में भारत आने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है. इस दौरान दोनों नेताओं ने विस्तारपूर्वक चर्चा की और यह तय किया कि भविष्य में रक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में गहन सहयोग की संभावनाओं को तलाशा जाएगा.

व्यापक आर्थिक साझेदारी पर जोर

दोनों देशों ने बातचीत के दौरान वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, कृषि, डिजिटल व्यापार और सतत विकास को शामिल करते हुए एक महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement - CEPA) पर औपचारिक चर्चा शुरू करने पर सहमति व्यक्त की. इसके अलावा, मोदी और कार्नी ने मंत्रियों और व्यापारी समुदाय के बीच नियमित उच्च-स्तरीय यात्राओं के महत्व पर भी जोर दिया. ऐसा माना जा रहा है कि इस दौरे से व्यापार और निवेश की राह और अधिक सुगम होगी और दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते मजबूती से उभरेंगे.

कानूनी और राजनीतिक सुधारों की चर्चा

कार्नी ने इस दौरान दोनों देशों के बीच कानूनी ढांचे को लागू करने और सुधारों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की. यह संकेत है कि भारत-कनाडा संबंध केवल राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कानून, निवेश सुरक्षा और व्यावसायिक वातावरण के सुधार में भी सहयोग किया जाएगा.

भारत-कनाडा रिश्तों में पिछले संकट की याद

भारत-कनाडा के संबंधों में 2023 का साल काफी संवेदनशील रहा. उस समय कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की ओर से हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का नाम जोड़ने के आरोप लगाए गए थे. भारत ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे ‘बेतुका’ और निराधार बताया था. इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे. ऐसे में कार्नी की यात्रा और मोदी के आमंत्रण से यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष संबंधों को सामान्य बनाने और नई साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हैं.

भविष्य की योजनाओं पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के बाद भारत और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर कई नए अवसर खुलेंगे. विशेष रूप से ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर नए प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकते हैं. इसके अलावा, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा किया जाएगा.

इस यात्रा को केवल औपचारिक दौरे के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे लंबी अवधि की रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत माना जा रहा है. आने वाले समय में दिल्ली और ओटावा में उच्च-स्तरीय बैठकों और वार्ताओं के माध्यम से दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाई तक ले जाने की उम्मीद जताई जा रही है.

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