Asim Munir Exposed: पाकिस्तान की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां इमरान खान का मुद्दा सत्ता में बैठी शहबाज सरकार और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर दोनों के लिए लगातार सिरदर्द बनता जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहले से ही किरकिरी झेल रहे पाकिस्तान के लिए अब एक नया झटका आया है, स्वयं इमरान खान की बहन आलीमा खानम ने मुनीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए देश की सत्ता और सैन्य प्रतिष्ठान को कठघरे में खड़ा कर दिया है. भारत को लेकर मुनीर की कथित रणनीति पर भी सवाल खड़े किए गए हैं, जिससे पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति एक बार फिर गहरे संकट में घिरती दिखाई देती है.
स्काई न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में आलीमा खानम ने आरोपों की बौछार कर दी. उनका कहना है कि जनरल मुनीर भारत के खिलाफ तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें एक “कट्टरपंथी इस्लामी” मानसिकता वाला नेता बताया. उनके अनुसार, मुनीर का तरीका पाकिस्तान को संघर्ष के मुहाने पर खड़ा कर रहा है.
आलीमा ने अपने भाई इमरान खान को एक उदारवादी और व्यावहारिक नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने कार्यकाल के दौरान हमेशा भारत के साथ संबंध सुधारने की पहल की. उनके मुताबिक, इमरान संवाद और शांति को प्राथमिकता देते थे, जबकि वर्तमान सेना प्रमुख इसके बिल्कुल विपरीत सोच रखते हैं.
“पश्चिमी देशों से इमरान को बचाइए”
आलीमा खानम ने अपने इंटरव्यू में यह भी कहा कि पश्चिमी शक्तियों को इमरान खान की गिरफ्तारी और कथित टॉर्चर पर ध्यान देना चाहिए. उनका कहना है कि इमरान की रिहाई सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक कदम है. उन्होंने यह दावा किया कि यदि इमरान सत्ता में लौटते हैं तो पाकिस्तान और पूरे दक्षिण एशिया में तनाव कम हो सकता है और संभावित संघर्ष से बचा जा सकता है.
इमरान खान की जेल स्थिति, परिवार की आशंकाओं ने बढ़ाई बेचैनी
इमरान खान की सुरक्षा और सेहत को लेकर उनका परिवार पहले दिन से परेशान रहा है. लगभग एक महीने की बेचैनी के बाद जब जेल प्रशासन ने बहन उजमा खानम को मुलाकात की अनुमति दी, तब जाकर परिवार को थोड़ी राहत मिली.
बाहर आकर उजमा ने बताया कि इमरान शारीरिक रूप से ठीक हैं, लेकिन मानसिक रूप से उन पर भारी दबाव है. बातचीत के दौरान इमरान ने अपनी हत्या की आशंका भी जताई, यह बयान न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल में नई बेचैनी का कारण बना.
पाकिस्तान की राजनीति नए टकराव की ओर
इमरान खान के इर्द-गिर्द घूमता यह विवाद अब सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का मामला नहीं रहा. यह पाकिस्तान की सत्ता संरचना, सेना के प्रभाव, नागरिक अधिकारों और पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों तक को प्रभावित कर रहा है. आलीमा खानम के हालिया आरोपों ने मुनीर सरकार और सैन्य नेतृत्व पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है और यह स्पष्ट है कि यह मुद्दा जल्द शांत होने वाला नहीं है.
यह भी पढ़ें- Poco लॉन्च करने वाला है सस्ता 5G स्मार्टफोन, 6000mAh से होगा लैस; मिल सकते हैं ये बेहतरीन फीचर्स