IND vs SA: ODI के इतिहास में भारतीय गेंदबाजों के साथ पहली बार हुआ ऐसा, रांची में बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड

Indian Bowlers Records: भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में 17 रनों से जीत दर्ज की. हालांकि जीत का जश्न मनाने से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजों की खराब गेंदबाजी ने क्रिकेट जगत में एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया था.

Ind vs sa first time in the history of ODI with Indian bowlers made a shameful record in Ranchi
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Indian Bowlers Records: भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में 17 रनों से जीत दर्ज की. हालांकि जीत का जश्न मनाने से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजों की खराब गेंदबाजी ने क्रिकेट जगत में एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया था.

इस मैच में साउथ अफ्रीका के सामने 350 रन का टारगेट रखा गया था, लेकिन टीम इंडिया को जीत के लिए एक छोटे अंतर से ही संतोष करना पड़ा. यह जीत टीम इंडिया के लिए राहत भरी रही, लेकिन गेंदबाजी विभाग के प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय पैदा कर दिया.

शुरुआती विकेट पर शानदार पकड़, फिर भी रन लुटाए

साउथ अफ्रीका की शुरुआत मैच में बेहद खराब रही. भारतीय तेज गेंदबाजों अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने पावरप्ले में शानदार प्रदर्शन किया. मैच के पहले 3 विकेट सिर्फ 11 रन पर गिर गए, जिसमें हर्षित राणा ने 2 विकेट और अर्शदीप ने 1 विकेट अपने नाम किए.

लेकिन इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने मजबूती से खेलते हुए भारत की शुरुआती सफलता का फायदा रोक दिया. उन्होंने 49.2 ओवरों तक बल्लेबाजी करते हुए 332 रन बनाए, जिससे टीम इंडिया को जीत के लिए बेहद छोटे अंतर से संतोष करना पड़ा.

विशेष बात यह रही कि भारत पहली टीम बन गई है जिसने 300 रनों का टारगेट बचाते हुए शुरुआती तीन विकेट 15 रन से भी कम पर लिए, फिर भी विपक्षी टीम 300 का आंकड़ा पार कर गई. यह रिकॉर्ड वनडे क्रिकेट के इतिहास में अब तक दर्ज नहीं हुआ था.

गेंदबाजों की इकॉनमी रही चिंताजनक

भारतीय गेंदबाजों की इकॉनमी इस मैच में 6 से अधिक रही, जो बड़ी चिंता की बात है. प्रमुख प्रदर्शन इस प्रकार रहे:

अर्शदीप सिंह: 10 ओवर में 64 रन खर्च, 2 विकेट.

हर्षित राणा: 3 विकेट लिए लेकिन 65 रन दिए.

प्रसिद्ध कृष्णा: 7.2 ओवर में 48 रन देकर 1 विकेट.

कुलदीप यादव: 10 ओवर में 68 रन दिए और 4 विकेट हासिल किए.

रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर: कोई सफलता नहीं मिली.

इस प्रदर्शन से यह साफ हो गया कि भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती सफलता का फायदा उठाने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए.

क्यों रही गेंदबाजी कमजोर

विश्लेषकों का कहना है कि इस मैच में गेंदबाजी विभाग की कमजोरी अनुभव की कमी और प्रमुख तेज गेंदबाजों की गैरमौजूदगी से जुड़ी हुई थी. टीम में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे सीनियर तेज गेंदबाज शामिल नहीं थे. अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे युवा खिलाड़ी अभी ज्यादा अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच नहीं खेल चुके हैं.

प्रसिद्ध कृष्णा भी नियमित टीम सदस्य नहीं हैं, जिससे तेज गेंदबाजी यूनिट में स्थिरता की कमी नजर आई. इसके अलावा, स्पिन विभाग में कुलदीप यादव ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन जडेजा और सुंदर का प्रदर्शन काफी सीमित रहा. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टीम को आगामी मैचों में जीत सुनिश्चित करनी है तो अनुभवहीन गेंदबाजों के प्रदर्शन में सुधार आवश्यक होगा.

आगामी मैचों के लिए संकेत

इस मैच से भारत को कुछ महत्वपूर्ण सबक मिले हैं. जबकि टीम ने जीत हासिल की, गेंदबाजी विभाग की खामियों ने विपक्ष को 350 रन तक पहुंचने का मौका दिया. आगामी दो वनडे मैचों में यह देखने को मिलेगा कि टीम मैनेजमेंट किस तरह से तेज और स्पिन गेंदबाजी की रणनीति को सुधारता है. विशेषकर जब सीनियर तेज गेंदबाज टीम में लौटेंगे, तो यह देखा जाएगा कि युवा खिलाड़ियों को अनुभव के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर कैसे मिलता है.

विश्लेषकों का कहना है कि यदि टीम इंडिया गेंदबाजी में संतुलन बनाकर रखती है, तो आगामी मुकाबलों में भारत बड़ी जीत हासिल कर सकता है. लेकिन वर्तमान रिकॉर्ड यह संकेत देता है कि टीम को केवल बल्लेबाजी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए.

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