Rohit-Virat Future In ODI: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 30 नवंबर से शुरू हो रही है. यह सीरीज इसलिए भी खास है क्योंकि यह साल 2025 में टीम इंडिया का अंतिम वनडे अभियान होगा. इसी पृष्ठभूमि में BCCI आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है, जिसमें भारतीय टीम के दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों, रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य पर गंभीर चर्चा की संभावना जताई जा रही है.
सीरीज का अंतिम मुकाबला 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा. इस मैच के बाद अहमदाबाद में BCCI के शीर्ष अधिकारी, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर एक विशेष बैठक कर सकते हैं, जहां 2027 वर्ल्ड कप की योजना पर गहराई से विचार होगा.
2027 विश्व कप में रोहित और विराट की भूमिका
फिलहाल यह तय नहीं है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली 2027 वनडे विश्व कप की टीम का हिस्सा होंगे या नहीं. दोनों खिलाड़ियों ने पिछले एक दशक में भारत की ODI सफलता में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन आने वाले वर्षों में उन्हें वनडे क्रिकेट सीमित मात्रा में खेलना मिलेगा, जिससे उनकी निरंतरता, फिटनेस और workload balancing जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो जाएंगे.
रिपोर्टों के मुताबिक टीम मैनेजमेंट इस संभावना पर भी काम कर रहा है कि यदि 2027 तक दोनों वरिष्ठ खिलाड़ी उपलब्ध नहीं रहते, तो टीम के पास पहले से मजबूत विकल्प मौजूद रहने चाहिए. इसी कारण बैकअप तैयार करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है.
BCCI क्यों चाहता है स्पष्टता
BCCI से जुड़े एक अधिकारी ने बताया है कि रोहित और विराट जैसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट निर्देश बेहद जरूरी हैं. अधिकारी के अनुसार, अनिश्चितता की स्थिति में दुनिया का कोई भी खिलाड़ी सहज होकर प्रदर्शन नहीं कर सकता.
इसलिए टीम मैनेजमेंट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दोनों खिलाड़ियों को अपनी भूमिका और योजनाओं के बारे में पूर्ण जानकारी हो. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रोहित को सलाह दी गई है कि वे भविष्य की आशंकाओं में उलझने के बजाय अपनी फिटनेस और संभावित मैचों में प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करें.
क्यों उठ रहा है भविष्य पर सवाल
दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को अब ODI क्रिकेट में लंबे अंतराल के साथ मौके मिलेंगे, जिससे उनकी फॉर्म और मैच-टेम्पो पर असर पड़ सकता है. साथ ही, 2027 तक उनकी उम्र बढ़ने के कारण फिटनेस का पक्ष भी कड़ी निगरानी की मांग करेगा.
BCCI का मानना है कि विश्व कप तक पहुंचने की प्रक्रिया में अब किसी भी तरह की जल्दीबाजी या अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए क्योंकि टीम को कम से कम दो साल पहले एक मजबूत कोर तैयार करनी होगी. यही वजह है कि यह बैठक आने वाले वर्षों की दिशा तय कर सकती है.
हालिया फॉर्म से मिला आत्मविश्वास
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई पिछली वनडे सीरीज दोनों खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आई थी. रोहित शर्मा ने पूरी श्रृंखला में सबसे अधिक रन बनाए और एक शानदार शतक भी जड़ा. यह प्रदर्शन बताता है कि जब भी उन्हें निरंतर मैच खेलने का मौका मिलता है, वह अब भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं.
विराट कोहली ने पहले दो मैचों में धीमी शुरुआत की, लेकिन तीसरे मुकाबले में नाबाद 74 रन बनाकर उन्होंने अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज कराई. उनकी यह पारी दर्शाती है कि बड़े मैचों में वह अब भी भरोसेमंद बल्लेबाज बने हुए हैं.
अहमदाबाद की बैठक से क्या तय होगा
अहमदाबाद में होने वाली यह बैठक भारतीय वनडे क्रिकेट की दीर्घकालिक नीति के लिए निर्णायक मानी जा रही है. इसमें 2027 विश्व कप तक की रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है.
संभव है कि इसमें यह स्पष्ट हो जाए कि आने वाले वर्षों में रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम में किस भूमिका में नजर आएंगे, उन्हें कितने मैचों में आराम दिया जाएगा, और टीम किन युवा खिलाड़ियों को लंबे समय तक तैयार करने का इरादा रखती है.
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