Ravindra Jadeja Bowling: भारत और वेस्टइंडीज के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने अपने दमदार प्रदर्शन से पहले बल्लेबाजी में और फिर गेंदबाजी में पूरी पकड़ बना ली है. दूसरे दिन तक भारत की स्थिति पूरी तरह मजबूत नजर आई. कप्तान शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल के शतकों की मदद से भारत ने पहली पारी में 518 रन बनाकर पारी घोषित की, जबकि रवींद्र जडेजा ने गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट चटकाए और फील्डिंग में भी अपना योगदान दिया.
मैच के पहले दिन भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और सलामी बल्लेबाजों ने इस निर्णय को सही साबित किया. यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा और तेज शतक लगाया. वहीं कप्तान शुभमन गिल ने भी पूरी परिपक्वता के साथ खेलते हुए अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक जड़ा. इन दोनों के अलावा साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी उपयोगी पारियां खेलीं, जिससे भारत का स्कोर 500 के पार पहुंचा. टीम इंडिया ने दूसरे दिन के दूसरे सत्र में 518 रन पर अपनी पारी घोषित कर दी.
रवींद्र जडेजा को नहीं मिला बल्लेबाजी का मौका
पहली पारी में इतने बड़े स्कोर के बावजूद रवींद्र जडेजा को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला. जडेजा, जिन्होंने पिछले टेस्ट में शानदार शतक जमाया था, इस बार पारी घोषित होने से पहले ही डगआउट में रह गए. माना जा रहा है कि कप्तान गिल ने मैच की स्थिति को देखते हुए पारी को जल्दी घोषित किया ताकि गेंदबाजों को ज्यादा समय मिल सके.
हालांकि जडेजा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया मैदान पर दी, गेंदबाजी और फील्डिंग में शानदार प्रदर्शन करके. उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह जता दिया कि टीम के लिए वह हर भूमिका में प्रभावी हैं.
गेंदबाजी में जडेजा का जलवा
दूसरी पारी में जब वेस्टइंडीज बल्लेबाजी करने उतरी तो शुरुआत में उनके बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को चुनौती दी. खासकर एलिक एथेनाज और तेजनरेन चंद्रपॉल ने एक मजबूत साझेदारी की और टीम को 100 रन के करीब ले आए. लेकिन इसके बाद रवींद्र जडेजा ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से मैच का रुख पलट दिया.
जडेजा ने जॉन कैंपबेल को पवेलियन भेजा, जिनका शानदार कैच साई सुदर्शन ने लिया. इसके बाद तेजनरेन चंद्रपॉल, जिन्होंने जडेजा की गेंद पर छक्का मारा था, अगली ही गेंदों में आउट हो गए. जडेजा ने उन्हें पूरी तरह चकमा देकर बोल्ड कर दिया. तीसरा शिकार बना वेस्टइंडीज के कप्तान रॉस्टन चेज, जो बिना खाता खोले ही आउट हो गए. जडेजा ने कुल 14 ओवरों में 3 विकेट लेकर सिर्फ 37 रन दिए. उनके स्पेल ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी.
फील्डिंग में भी दिखाया दम
रवींद्र जडेजा ने केवल गेंदबाजी से ही नहीं, बल्कि फील्डिंग से भी प्रभावित किया. उन्होंने कुलदीप यादव की गेंद पर शानदार फॉर्म में चल रहे एलिक एथेनाज का कैच पकड़ा. एथेनाज ने वेस्टइंडीज के लिए सबसे ज्यादा 41 रन बनाए थे और एकमात्र बल्लेबाज थे जो भारतीय गेंदबाजों को थोड़ी मुश्किल दे रहे थे.
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक स्थिति
दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज की टीम 140 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी थी और अब भी भारत से 378 रन पीछे थी. ऐसे में भारत की पकड़ मैच पर मजबूत बनी हुई है और तीसरे दिन टीम इंडिया जल्द ही विपक्षी टीम को फॉलोऑन के लिए मजबूर कर सकती है.