Modi in ASEAN: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आसियान (ASEAN) समिट को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया और भारत-आसियान संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान किया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए इस संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि “आसियान भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का केंद्रबिंदु है” और दोनों के बीच की साझेदारी न केवल भौगोलिक नज़दीकी, बल्कि साझा मूल्यों और इतिहास पर भी आधारित है.
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज मुझे आसियान परिवार के साथ एक बार फिर जुड़ने का अवसर मिला है. भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. हम केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि सशक्त साझेदार हैं, जो एक बेहतर, स्थिर और समावेशी विश्व के निर्माण में साथ चल रहे हैं.”
My remarks during the ASEAN-India Summit, which is being held in Malaysia. https://t.co/87TT0RKY8x
— Narendra Modi (@narendramodi) October 26, 2025
उन्होंने आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई दी और भारत के कंट्री कोऑर्डिनेटर के रूप में फिलीपींस की भूमिका की सराहना की. साथ ही, पीएम मोदी ने ईस्ट तिमोर का आसियान के नए सदस्य के रूप में स्वागत किया.
“21वीं सदी हमारी, भारत और आसियान की सदी है”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनिश्चितताओं और चुनौतियों के इस दौर में भी भारत-आसियान साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा, “हमारी साझेदारी वैश्विक स्थिरता और विकास का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रही है. 21वीं सदी हमारी सदी है, भारत और आसियान की सदी. विकसित भारत 2027 का हमारा लक्ष्य पूरी मानवता के लिए एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करेगा.”
“इंक्लूसिविटी और सस्टेनेबिलिटी”
इस बार की आसियान समिट की थीम थी, “Inclusivity and Sustainability” (समावेशिता और स्थिरता). पीएम मोदी ने कहा कि यह थीम भारत और आसियान के साझा प्रयासों को बखूबी दर्शाती है.
उन्होंने कहा, “भारत सदैव आसियान-सेंट्रिक दृष्टिकोण और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आसियान के आउटलुक का समर्थन करता है. हमारा सहयोग न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा, बल्कि वैश्विक संतुलन के लिए भी अहम है.”
“भारत आसियान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा”
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आसियान के साथ “कंधे से कंधा मिलाकर चलने” के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ साझेदारी नहीं, बल्कि एक साझा भविष्य गढ़ना है. भारत, आसियान के हर सदस्य देश के साथ मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए काम करता रहेगा.”
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