भारत की महिला क्रिकेट टीम ने 2025 महिला विश्व कप में अब तक एक उतार-चढ़ाव से भरा सफर तय किया है. दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अब इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मुकाबले हारने के बाद टीम की सेमीफाइनल की राह मुश्किल जरूर हुई है, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुई है. इंदौर के होल्कर स्टेडियम में रविवार को हुए मुकाबले में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मात्र 4 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी. इस हार के बाद भारत के लिए अब हर मैच "करो या मरो" जैसा बन गया है.
जीत के करीब आकर हार गया भारत
इंदौर में हुए इस बेहद रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 288 रन बनाए. कप्तान हेदर नाइट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 91 गेंदों में 109 रनों की धुआंधार पारी खेली. उनके साथ विकेटकीपर एमी जोन्स ने भी अहम योगदान दिया और 56 रन बनाए. भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने बढ़िया गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, वहीं श्री चरणी ने भी 2 विकेट हासिल किए.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही. सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपना अनुभव दिखाते हुए 88 रनों की शानदार पारी खेली. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 70 रन जोड़े, जबकि दीप्ति शर्मा ने 50 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया. लेकिन आखिरी ओवरों में कुछ गलत शॉट्स और खराब फैसलों के चलते भारत यह मैच महज 4 रनों से हार गया.
क्या भारत अब भी सेमीफाइनल में पहुंच सकता है?
जी हां, इंग्लैंड के खिलाफ हार के बावजूद भारत के लिए सेमीफाइनल की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं. भारत ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से उसे 2 में जीत और 3 में हार मिली है. इस समय टीम के पास कुल 4 अंक हैं और वह अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है. न्यूजीलैंड के भी 4 अंक हैं, लेकिन उसका नेट रनरेट भारत से कमजोर है.
सेमीफाइनल की राह: क्या हैं समीकरण?
भारत को अब अपने बचे हुए दोनों मुकाबले जीतने होंगे, जो कि न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ हैं. अगर टीम ये दोनों मैच जीत जाती है, तो वह बिना किसी और गणित के सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी.
लेकिन यदि भारत इनमें से एक भी मैच हारता है, तो क्वालिफिकेशन की स्थिति काफी पेचीदा हो जाएगी. इस स्थिति में भारत को न सिर्फ अपना बचा हुआ एक मुकाबला बड़े अंतर से जीतना होगा, बल्कि न्यूजीलैंड को अपने मैचों में हार का सामना करना पड़ेगा. साथ ही नेट रनरेट भी अहम भूमिका निभाएगा.
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