"भारत के किसानों, मछुआरों और MSMEs के हितों को...", ट्रंप के टैरिफ पर चल रही वार्ता के बीच पीयूष गोयल का बड़ा बयान

Piyush Goyal On Trump Tariff: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया. गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर बातचीत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ रही है.

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Piyush Goyal On Trump Tariff: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया. गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर बातचीत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ रही है. उन्होंने विशेष रूप से यह भी जोर दिया कि भारत अपनी किसानों, मछुआरों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSMEs) के हितों की पूरी तरह रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.

पीयूष गोयल ने GST बचत उत्सव के दौरान संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भारत के किसानों, मछुआरों और MSMEs के हितों को सुनिश्चित किए बिना कोई भी समझौता नहीं होगा. देश के हितों की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के कृषि क्षेत्र को किसी भी प्रकार की रियायत या समझौते में नुकसान नहीं होना चाहिए. यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका भारत के कृषि उत्पादों पर विशेष रियायत की मांग करता रहा है, जो भारत के लिए संवेदनशील मुद्दा है.

वाशिंगटन में पांचवें दौर की वार्ता और आगे की योजना

भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ व्यापार वार्ता का पांचवां दौर संपन्न किया. यह दौर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों देश 2025 के अक्टूबर-नवंबर तक समझौते के पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं. इस साल फरवरी में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने भी इस द्विपक्षीय समझौते को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था.

वैश्विक चुनौतियों के बीच निर्यात में बढ़ोतरी

गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-सितंबर की अवधि में भारत के वस्तु और सेवा निर्यात में पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वस्तु निर्यात तीन प्रतिशत बढ़कर 220.12 अरब डॉलर रहा. उन्होंने कहा, “दुनियाभर में भारत के उत्पादों और सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. हम वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखने की दिशा में अग्रसर हैं. इस वित्त वर्ष के अंत तक निर्यात में सकारात्मक वृद्धि की उम्मीद है.” यह संकेत देता है कि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी उसकी पकड़ मजबूत है.

जीएसटी सुधार से अर्थव्यवस्था को मजबूती

मंत्री ने जीएसटी दरों में हाल की कटौती को निवेशकों और आम जनता के लिए एक बड़ा सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस सुधार से बाजार में मांग में वृद्धि होगी और इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. “जीएसटी की कटौती की घोषणा होते ही निवेशकों ने इसे एक बड़ा लाभ माना और इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद बढ़ी,” गोयल ने कहा. इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी सुधार वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में भारत की मदद करेगा.

ई-कॉमर्स कंपनियों की निगरानी और उपभोक्ता संरक्षण

गोयल ने स्पष्ट किया कि अगर किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया है तो उपभोक्ता मामले विभाग पर शिकायत कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि अधिकांश कंपनियों ने लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. “यदि कोई कंपनी इस लाभ को रोकती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी,” उन्होंने कहा. यह संदेश उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

द्विपक्षीय समझौते से भारत की वैश्विक रणनीति मजबूत

पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि भारत वैश्विक व्यापार मंच पर अपनी भूमिका को मजबूत करता रहेगा और द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से अपने हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा. उन्होंने कहा, “हमारा मकसद न केवल व्यापार बढ़ाना है बल्कि किसानों, मछुआरों, MSMEs और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है. यह समझौता इन सभी वर्गों को लाभ पहुंचाएगा और आर्थिक विकास को नई गति देगा.”

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