ड्रैगन पर लगाम लगाने की तैयारी में भारत, इस सामान पर भारी शुल्क लगा सकती है सरकार!

India steel Import Tariff: भारत सरकार ने एक बार फिर स्टील उद्योग की सुरक्षा के लिए कदम बढ़ाया है. इस बार केंद्र सरकार ‘सेफगार्ड ड्यूटी’ लगाने पर विचार कर रही है, जिससे चीन और अन्य देशों से आने वाले सस्ते स्टील का मुकाबला किया जा सके और घरेलू उत्पादकों को राहत मिले.

India is preparing to control the dragon government can impose heavy duty on this goods
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

India steel Import Tariff: भारत सरकार ने एक बार फिर स्टील उद्योग की सुरक्षा के लिए कदम बढ़ाया है. इस बार केंद्र सरकार ‘सेफगार्ड ड्यूटी’ लगाने पर विचार कर रही है, जिससे चीन और अन्य देशों से आने वाले सस्ते स्टील का मुकाबला किया जा सके और घरेलू उत्पादकों को राहत मिले.

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार तकनीकी तौर पर कुछ खास स्टील उत्पादों पर अगले तीन साल के लिए 11% से 12% तक का आयात शुल्क लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार को बाहरी झटकों से बचाना और भारतीय स्टील उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक ताकत बनाए रखना है.

वास्तव में, अप्रैल में भी सरकार ने 12% का अस्थायी शुल्क लगाया था, जिसकी अवधि 200 दिनों तक थी और अब वह समाप्त हो चुकी है. अब इसी दिशा में स्थायी समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

चीन पर है सबसे बड़ी नजर

हालांकि भारत को सबसे ज्यादा स्टील दक्षिण कोरिया से मिल रहा है, चीन की सस्ती कीमतें घरेलू उद्योग के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में दक्षिण कोरिया ने भारत को 14 लाख मीट्रिक टन स्टील निर्यात किया. इसके बाद चीन, जापान और रूस का नंबर आता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी स्टील की कम कीमत ने भारतीय बाजार को संवेदनशील बना दिया है. हालांकि, अच्छी खबर यह है कि पिछले साल की तुलना में इस साल के पहले सात महीनों में भारत का फिनिश्ड स्टील आयात 34.1% कम हुआ है.

अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य और चीन की रणनीति

चीन में भी स्टील इंडस्ट्री अब संतुलन की दिशा में कदम बढ़ा रही है. सरकारी स्टील एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल चीन का उत्पादन पिछले छह सालों में पहली बार 1 अरब टन से नीचे जाने वाला है. बीजिंग ने अक्टूबर में स्टील क्षमता संतुलन योजना भी पेश की, जिससे बाजार में मांग और आपूर्ति को संतुलित किया जा सके.

इस बदलाव से भारतीय उद्योग को राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टील की कीमतें स्थिर हो सकती हैं और घरेलू उत्पादकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा.

क्या बदलेगा बाजार का समीकरण?

अगर सरकार सेफगार्ड ड्यूटी लागू करती है, तो न सिर्फ घरेलू उद्योग को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि चीन और अन्य देशों से सस्ते स्टील के आयात पर भी अंकुश लगेगा. इससे घरेलू बाजार में भारतीय उत्पादकों की हिस्सेदारी मजबूत होगी और उद्योग के विस्तार के रास्ते खुले रहेंगे.

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