'ये उसका पुराना इतिहास...', पाक की परमाणु गतिविधियों को लेकर ट्रंप के दावे पर भारत की पहली प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान द्वारा गुप्त परमाणु परीक्षण करने के सनसनीखेज आरोपों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है. ट्रंप ने हाल ही में यह दावा किया था कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इस मोर्चे पर पीछे है. ट्रंप के इस बयान के बाद भारत ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है.

India MEA responds to Donald Trump s claim saying Pakistan covert nuclear activities are not new
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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान द्वारा गुप्त परमाणु परीक्षण करने के सनसनीखेज आरोपों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है. ट्रंप ने हाल ही में यह दावा किया था कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इस मोर्चे पर पीछे है. ट्रंप के इस बयान के बाद भारत ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उसने पाकिस्तान के परमाणु इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने हमेशा इस मुद्दे पर दुनिया को सचेत किया है.

पाक के परमाणु इतिहास पर भारत का बयान

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के परमाणु परीक्षणों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान का इतिहास हमेशा गुप्त और अवैध परमाणु गतिविधियों से भरा रहा है. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की दशकों पुरानी गतिविधियां, जैसे तस्करी, एक्सपोर्ट कंट्रोल उल्लंघन, और परमाणु प्रसार, उसके रिकॉर्ड का हिस्सा रही हैं. भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की इन गतिविधियों के बारे में आगाह किया है. इस संदर्भ में भारत ने ट्रंप के बयान को ‘नोट’ किया है.

ट्रंप ने क्या दावा किया?

2 नवंबर को अमेरिकी टीवी चैनल CBS के कार्यक्रम 60 Minutes में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया कि रूस, चीन और पाकिस्तान गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका इस मामले में पीछे है. हालांकि, ट्रंप ने अपने दावे का कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया, लेकिन उनके बयान ने सोशल मीडिया पर चर्चा का एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया. ट्रंप के बयान के बाद यह अटकलें शुरू हो गईं कि पाकिस्तान ने संभवतः अप्रैल-मई 2025 के बीच गुप्त परमाणु परीक्षण किया हो, जब अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में कई भूकंप आए थे.

भूकंप के बाद गुप्त परीक्षणों की चर्चा

अप्रैल और मई 2025 के बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान में 4.0 से 4.7 तीव्रता के कई भूकंप आए थे, जिन्हें 1998 के पाकिस्तान के परमाणु परीक्षणों के समान माना गया. उस समय पाकिस्तान ने इन भूकंपों को गुप्त परमाणु परीक्षण से जोड़ने की संभावना का खंडन किया और साफ तौर पर कहा कि वह "पहले परमाणु परीक्षण करने वाला देश नहीं रहा है और न आगे होगा." पाकिस्तान ने आखिरी बार 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे, जब भारत ने पोखरण-II परीक्षण किया था, और तब से अब तक उसने आधिकारिक तौर पर कोई नया परमाणु परीक्षण नहीं किया है.

ट्रंप की भारत यात्रा पर नहीं की कोई टिप्पणी 

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के भारत यात्रा के बारे में सवालों के जवाब में कहा कि उनके पास इस बारे में साझा करने के लिए कोई नई जानकारी नहीं है. जब भी कोई जानकारी उपलब्ध होगी, तब सरकार उसे साझा करेगी.

क्वाड पर भारत का रुख

भारत ने क्वाड (क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग) के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह चार देशों (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का एक मूल्यवान मंच है. भारत ने कहा कि हाल ही में मुंबई में आयोजित इंडिया मैरीटाइम वीक के दौरान क्वाड के “पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर” सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जो इस पहल का हिस्सा था.

रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जैतली मामले पर भारत की कार्रवाई जारी

MEA ने रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जैतली से जुड़ी स्थिति पर भी जानकारी दी. मंत्रालय ने बताया कि भारत लगातार यूएई अधिकारियों के संपर्क में है और अब तक चार बार कांसुलर विजिट भी की जा चुकी हैं. भारत उनकी पत्नी और परिवार के संपर्क में है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है. यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट में भी उठाया गया था और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सरकार कार्रवाई कर रही है.

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