'अफगानिस्तान के एयर डिफेंस की मरम्मत कर रहा भारत...' पाकिस्तान का दावा, ट्रेनिंग देने का लगाया आरोप

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच इन दिनों तनाव चरम पर है. पाकिस्तान द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान के तीन होनहार क्रिकेटरों की जान चली गई, जिससे न केवल खेल जगत, बल्कि कूटनीतिक संबंधों में भी गहरी खाई पैदा हो गई है.

India repairing Afghanistans air defences Pakistan claims
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इस्लामाबाद/काबुल/नई दिल्ली: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच इन दिनों तनाव चरम पर है. पाकिस्तान द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान के तीन होनहार क्रिकेटरों की जान चली गई, जिससे न केवल खेल जगत, बल्कि कूटनीतिक संबंधों में भी गहरी खाई पैदा हो गई है. लेकिन इस विवाद के बीच एक और नया मोर्चा खुलता दिखाई दे रहा है.

पाकिस्तान के कुछ वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक यह दावा कर रहे हैं कि भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अपनी तकनीकी टीम भेजी है, जो वहां की वायु रक्षा प्रणालियों (एयर डिफेंस सिस्टम) की मरम्मत कर रही है. इस दावे ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और बढ़ा दिया है.

क्या भारत वायु सुरक्षा प्रणाली को दुरुस्त कर रहा?

पाकिस्तानी पत्रकार और वरिष्ठ कॉलमनिस्ट जावेद चौधरी ने 16 अक्टूबर को एक लेख में दावा किया कि भारत ने अफगानिस्तान में पुराने रूसी और अमेरिकी कंधे से दागे जाने वाले एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) की मरम्मत के लिए तकनीशियनों की एक टीम भेजी है. उनका कहना है कि ये तकनीकी सहायता तालिबान सरकार को दी जा रही है, ताकि वह पाकिस्तान के हवाई हमलों का जवाब दे सके.

हालांकि, इन दावों की न तो भारत सरकार और न ही किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने पुष्टि की है. भारत की ओर से इन आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन भारत पहले ही पाकिस्तान के हमलों को अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बता चुका है.

भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी?

भारत और अफगानिस्तान के संबंध लंबे समय से रणनीतिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत रहे हैं. भले ही तालिबान शासन के बाद भारत ने काबुल में अपने राजनयिक मिशन को सीमित कर दिया हो, लेकिन मानवीय सहायता और क्षेत्रीय स्थिरता के नाम पर संवाद अब भी जारी है.

हाल ही में, जब तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत दौरे पर थे, उसी दौरान पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर हवाई हमले किए, जिससे तालिबान में गुस्सा भड़क उठा. इस हमले के जवाब में तालिबान बलों ने कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला कर दिया, जिसमें दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं.

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए गए आरोप, कि वह अफगानिस्तान को सैन्य मदद दे रहा है, एक रणनीतिक चिंता बनते जा रहे हैं.

क्या होता है MANPADS का मतलब?

MANPADS का मतलब है Man-Portable Air-Defense Systems. ये कंधे से दागे जाने वाले, पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम होते हैं जो एक सैनिक द्वारा अकेले चलाए जा सकते हैं. इनका उपयोग आमतौर पर कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन्स को मार गिराने के लिए किया जाता है.

मुख्य विशेषताएं:

  • साइज और पोर्टेबिलिटी: बेहद हल्के और एक सैनिक द्वारा आसानी से ढोए जा सकते हैं.
  • गाइडेंस सिस्टम: यह मिसाइलें इंफ्रारेड, लेजर या रेडियो वेव्स से लक्ष्य को ट्रैक करती हैं.
  • प्रभावशीलता: दुश्मन के हवाई हमलों को रोकने में बेहद प्रभावी होती हैं, खासकर जब लड़ाई का मैदान पहाड़ी या दुर्गम हो.

प्रमुख उदाहरण:

SA-7 Grail: सोवियत संघ द्वारा निर्मित पुराना लेकिन प्रभावशाली MANPADS सिस्टम, जिसे तालिबान ने 1980 के दशक में इस्तेमाल किया था.

FIM-92 Stinger: अमेरिका द्वारा विकसित यह मिसाइल अफगान मुजाहिदीन को शीत युद्ध के दौरान दी गई थी. इसके जरिए कई सोवियत हेलीकॉप्टरों को मार गिराया गया.

आज भी अफगानिस्तान में कुछ ऐसे पुराने MANPADS मौजूद हैं, जो वर्षों से निष्क्रिय हैं, लेकिन पाकिस्तान का दावा है कि भारत अब इन मिसाइल सिस्टम्स को फिर से सक्रिय करने में तालिबान की मदद कर रहा है.

क्या भारत तालिबान को प्रशिक्षण दे रहा है?

जावेद चौधरी और कुछ अन्य पाकिस्तानी मीडिया स्रोतों के अनुसार, भारत केवल तकनीकी मदद नहीं दे रहा, बल्कि तालिबान बलों को इन हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग भी दे रहा है. हालांकि इस दावे के पक्ष में कोई ठोस सबूत अभी तक सामने नहीं आया है. भारत ने अभी तक अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन मानवीय सहायता और कूटनीतिक संवाद की सीमित प्रक्रिया ज़रूर चल रही है.

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