F-35 से पहले F-21 खरीदना... लॉकहीड मार्टिन के CEO ने भारत को क्यों दिया ऐसा संदेश, क्या होगी डील?

अमेरिका की रक्षा विमान निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत को लेकर एक अहम कूटनीतिक-सैन्य संदेश दिया है.

India should buy F-21 before F-35
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- Internet

वॉशिंगटन: अमेरिका की रक्षा विमान निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत को लेकर एक अहम कूटनीतिक-सैन्य संदेश दिया है. कंपनी के CEO जिम टाइक्लेट ने कहा है कि भारत को यदि भविष्य में F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना है, तो उसके लिए F-21 एक आवश्यक पहला कदम हो सकता है.

यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है, और भारत की सुरक्षा जरूरतें तेजी से बदलते भू-राजनीतिक हालात में अधिक रणनीतिक रूप ले रही हैं.

F-21: भारत के लिए ‘स्टेपिंग स्टोन’?

F-21, लॉकहीड मार्टिन द्वारा भारत के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो मूल रूप से F-16 का आधुनिक संस्करण है. कंपनी का तर्क है कि यह विमान भारत को 5वीं पीढ़ी के F-35 फाइटर जेट के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

जिम टाइक्लेट ने कहा, "कुछ देश, विशेष रूप से वे जो अभी तक F-35 के लिए तकनीकी और सामरिक दृष्टि से तैयार नहीं हैं, उनके लिए F-21 एक व्यावहारिक और रणनीतिक विकल्प बन सकता है. भारत इस ट्रांजिशनल मॉडल का एक उदाहरण हो सकता है."

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि भारत को F-35 के लिए 'अभी तैयार नहीं' मानने का उनका क्या तात्पर्य था.

F-35 की अगली पीढ़ी: लॉकहीड की योजना

लॉकहीड मार्टिन के मुताबिक, कंपनी वर्तमान में F-35 के "5th Generation Plus" वर्जन पर काम कर रही है. इसमें नई स्टेल्थ कोटिंग्स, बेहतर डिज़ाइन, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, ऑटोमेशन और नेटवर्किंग क्षमताएं शामिल होंगी. यह विमान NGAD (Next Generation Air Dominance) कार्यक्रम के कुछ तकनीकी नवाचारों को भी अपनाएगा.

उल्लेखनीय है कि NGAD प्रोजेक्ट को बोइंग ने जीत लिया है, लेकिन लॉकहीड अब F-35 को अगले स्तर तक पहुंचाने के प्रयास में है, जो कई देशों के लिए एक सुलभ लेकिन शक्तिशाली विकल्प बन सकता है.

भारत को F-35 ऑफर:

भारत को F-35 फाइटर जेट का औपचारिक प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फरवरी 2025 में दिया गया था. इसके बाद अप्रैल में भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इस प्रस्ताव को फिर से दोहराया.

हालांकि, भारत की तरफ से अभी तक इस दिशा में कोई सार्वजनिक या आधिकारिक रुख सामने नहीं आया है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अभी अपनी प्राथमिकताओं को घरेलू फाइटर प्रोग्राम जैसे TEJAS Mk2, AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) और विदेशी प्लेटफॉर्म्स के साथ संतुलित करने की कोशिश कर रहा है.

केवल रक्षा नहीं, रणनीतिक समझौता

F-35 की बिक्री केवल एक रक्षा डील नहीं होती, यह अमेरिका की विदेश नीति और सामरिक गठबंधनों का संवेदनशील हिस्सा है. इस विमान की बिक्री के लिए स्टेट डिपार्टमेंट, पेंटागन और कभी-कभी अमेरिकी कांग्रेस की स्वीकृति आवश्यक होती है.

इसके अतिरिक्त, अमेरिका यह सुनिश्चित करता है कि प्राप्तकर्ता देश की आंतरिक स्थिरता, तकनीकी सुरक्षा, और भू-राजनीतिक नीतियां अमेरिका के रणनीतिक हितों के अनुरूप हों.

क्या भारत करेगा F-21 डील?

इस समय भारत ने F-21 को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत फिलहाल MRFA (Multi Role Fighter Aircraft) परियोजना के तहत कई अंतरराष्ट्रीय विकल्पों का मूल्यांकन कर रहा है, जिसमें Rafale, Eurofighter Typhoon, Su-35, और F-15EX जैसे विमान शामिल हैं.

F-21 को लेकर अमेरिका के इस बयान से यह स्पष्ट है कि लॉकहीड मार्टिन भारत को दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है, और वह भारत को अपनी हाई-एंड सैन्य टेक्नोलॉजी तक क्रमिक रूप से पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है.

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