भारत की रक्षा तैयारियों को एक और मजबूती मिली है. अमेरिका की जेट इंजन निर्माता कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) ने भारत को अपना दूसरा GE-404 इंजन सौंप दिया है. यह इंजन भारतीय वायुसेना के हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस मार्क-1ए में लगाया जाएगा. इस कदम से न केवल वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि आने वाले समय में पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के लिए यह एक कड़ा संदेश भी होगा.
2026 तक हर महीने आएंगे इंजन
रक्षा सचिव राजेश सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, GE कंपनी अब मार्च 2026 से हर महीने दो इंजन भारत भेजेगी. कुल मिलाकर 2024-25 के वित्तीय वर्ष में 12 इंजन भारत आने की उम्मीद है. भारत ने GE के साथ 761 मिलियन डॉलर की डील की है, जिसके तहत यह इंजन भारत को सप्लाई किए जा रहे हैं. GE-404-IN20 इंजन, तेजस जैसे हल्के लेकिन ताकतवर लड़ाकू विमानों के लिए बिल्कुल उपयुक्त माने जाते हैं.
India on Monday received the second GE-404 engine from the US for the LCA Mark 1A fighter jet aircraft programme. Indian public sector firm Hindustan Aeronautics Limited (HAL) is expected to receive 12 GE-404 engines by the end of this financial year. The engines will be fitted… pic.twitter.com/RkZTUmKLqm
— ANI (@ANI) July 15, 2025
तेजस के लिए आएंगे और विमान
भारतीय वायुसेना ने 83 तेजस मार्क-1ए विमान पहले ही ऑर्डर किए हुए हैं. अब सरकार 97 और विमानों की खरीद पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी कर रही है. इन विमानों की डिलीवरी के साथ भारतीय वायुसेना के बेड़े में अत्याधुनिक और स्वदेशी तकनीक से लैस लड़ाकू विमान जुड़ेंगे, जो सीमाओं की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाएंगे.
कौन-कौन से विमान हैं भारतीय वायुसेना के पास?
भारतीय वायुसेना के पास इस समय कई बेहतरीन लड़ाकू विमान हैं, जो विभिन्न मिशनों के लिए तैयार रहते हैं. इनमें शामिल हैं:
क्यों अहम है GE-404 इंजन की डिलीवरी?
इस इंजन की खासियत है इसकी विश्वसनीयता, ताकत और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट. यह तेजस को उच्च प्रदर्शन और बेहतरीन फ्यूल एफिशिएंसी प्रदान करता है. इसके शामिल होने से भारत की स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम को नई ऊर्जा मिलेगी.
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