'भारत जैसा कोई नहीं, पीएम मोदी-ट्रंप की दोस्ती रियल', क्या भारत आएंगे ट्रंप?

Trump India Visit:  भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने दिल्ली में अपनी पहली आधिकारिक ब्रीफिंग के दौरान भारत–अमेरिका संबंधों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले एक से दो वर्षों में भारत की यात्रा कर सकते हैं.

India US Relations sergio gor india visit remarks on friendship of pm modi
Image Source: ANI

Trump India Visit:  भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने दिल्ली में अपनी पहली आधिकारिक ब्रीफिंग के दौरान भारत–अमेरिका संबंधों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले एक से दो वर्षों में भारत की यात्रा कर सकते हैं. गोर के बयान के बाद एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है.


सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों को लेकर कहा कि दोनों नेताओं के बीच की दोस्ती दिखावटी नहीं, बल्कि वास्तविक और मजबूत है. उन्होंने कहा कि सच्ची दोस्ती में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन ऐसे रिश्तों में संवाद के जरिए रास्ता जरूर निकलता है. गोर के मुताबिक, मोदी और ट्रंप के बीच आपसी सम्मान और भरोसा दोनों देशों की साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है.

ट्रेड डील पर क्या है ताजा स्थिति

भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर गोर ने कहा कि दोनों देश लगातार बातचीत में लगे हुए हैं और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के लिए भारत से बड़ा और अहम रणनीतिक साझेदार कोई नहीं है. उनके इस बयान को आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

भारत को लेकर ट्रंप के बयान बने चर्चा का विषय

हाल के दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ बयान भारत में बहस का कारण बने हैं. एक ओर उन्होंने भारत आने की इच्छा जताई और प्रधानमंत्री मोदी को “महान नेता” और “दोस्त” कहा, वहीं दूसरी ओर भारत की टैरिफ नीति और रूस से तेल आयात को लेकर कड़ी टिप्पणियां भी कीं. ट्रंप का कहना है कि भारत द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ अमेरिकी व्यापार के लिए चुनौती बने हुए हैं.

500 फीसदी टैरिफ की आशंका से बढ़ी चिंता

रूस पर प्रतिबंध से जुड़े एक बिल को मंजूरी मिलने के बाद ट्रंप को यह अधिकार मिल गया है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है. इस दायरे में भारत के साथ-साथ चीन और ब्राजील भी आते हैं. गौरतलब है कि भारत रूस से तेल आयात करने वाले देशों में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है. इससे पहले अगस्त में अमेरिका भारत पर 50 फीसदी टैरिफ भी लगा चुका है.

ट्रेड डील क्यों अटकी, आया नया दावा

इस बीच अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बयान ने नई बहस छेड़ दी है. उनका दावा है कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील के अटकने की वजह दोनों शीर्ष नेताओं के बीच सीधी बातचीत का न होना है. लुटनिक के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बात न हो पाने के कारण यह समझौता अब तक अंतिम रूप नहीं ले सका.कुल मिलाकर, एक ओर जहां भारत–अमेरिका रिश्तों में रणनीतिक साझेदारी और दोस्ती की बात हो रही है, वहीं व्यापार और टैरिफ जैसे मुद्दे आने वाले समय में दोनों देशों के लिए बड़ी चुनौती बने रहेंगे.

यह भी पढ़ें: 782 की चाय और 1512 रुपये का पोहा, अमेरिका में छाया बिहार का ये शख्स; गौरों को लगा लूटने...देखें VIDEO