केंद्र सरकार देश की पहली व्यापक आतंकवाद विरोधी नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है. यह नीति सभी राज्यों के लिए एक साझा ढांचा तैयार करेगी, ताकि वे आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं की रोकथाम, जांच और प्रभावी जवाबी कार्रवाई एक समान रणनीति के तहत कर सकें.
नीति के मसौदे पर चर्चा के दौरान कई उभरती चुनौतियों को खास तौर पर शामिल किया जा रहा है. इनमें डिजिटल माध्यमों से फैल रहा कट्टरपंथ, खुली और संवेदनशील सीमाओं का दुरुपयोग, तथा विदेशी ताकतों द्वारा फंड किए जा रहे धर्मांतरण नेटवर्क जैसे मुद्दे प्रमुख हैं. सरकार का मानना है कि बदलते समय के साथ आतंकवाद के स्वरूप में भी बदलाव आया है, जिसे ध्यान में रखकर एक आधुनिक और समन्वित नीति की जरूरत है.