नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना अपनी ताकत और स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाकर एक नई उड़ान भरने जा रही है. मिग-21 के सेवानिवृत्त होने के बाद वायुसेना ने नए उन्नत फाइटर जेट्स को अपने बेड़े में शामिल करने के बड़े कदम उठाए हैं. तेजस, रूस का Su-57, और भारत के अंदर ही विकसित हो रहे आधुनिक विमान—इन सबके जरिए भारत अपनी हवाई श्रेष्ठता को और मजबूती प्रदान कर रहा है. पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों की नींद इस नए विकास से उड़ चुकी है.
तेजस Mk1A: मिग-21 का आधुनिक विकल्प
हाल ही में इंडियन एयरफोर्स ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को 97 तेजस Mk1A लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया है. यह डील लगभग 62,370 करोड़ रुपये की है, जो HAL को तेजस के लिए दूसरा बड़ा ऑर्डर है. तेजस विमान मिग-21 की जगह लेने वाला एक अत्याधुनिक और हल्का लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाएगा.
रूस से Su-57 फाइटर जेट की खरीदारी
मिग-21 के बाद भारत जल्द ही रूस से Su-57 फाइटर जेट भी खरीदने जा रहा है. यह विमान पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर है, जिसमें अत्याधुनिक सेंसर, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम लगे हैं. भारत दो स्क्वाड्रन के लिए कुल 36 Su-57 विमान खरीदने की योजना बना रहा है. हालांकि अभी तक सरकार ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह योजना वायुसेना की ताकत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाने का बड़ा प्लान
फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास 42 स्क्वाड्रन हैं, जिनमें कुल 750-800 लड़ाकू विमान शामिल हैं. वायुसेना ने अपनी ताकत में लगभग 30-35% बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव रखा है, जिससे स्क्वाड्रन की संख्या 54 से 56 तक पहुंच जाएगी. एक स्क्वाड्रन में आमतौर पर 18 से 20 विमान होते हैं, जिससे कुल लड़ाकू विमान 1000 से ज्यादा हो जाएंगे. यह संख्या भारत को द्वि-राष्ट्रीय युद्ध की स्थिति में भी मजबूती देगी.
तकनीक और क्षमता में भी होगा बड़ा सुधार
भारत सिर्फ फाइटर जेट की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि विमान की तकनीक और युद्ध क्षमता को भी बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है. HAL की तेजस Mk2 और देश में विकसित किया जा रहा AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) भविष्य के युद्ध के लिए तैयार किए जा रहे हैं. ये विमान पूरी तरह से भारतीय तकनीक पर आधारित होंगे और वायुसेना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.
पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ी
भारत की इस नई तैयारी ने पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) और चीन को सतर्क कर दिया है. दोनों देश मिलकर अपनी हवाई ताकत को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत की तेजस, Su-57 और भविष्य के AMCA जैसे प्रोजेक्ट्स दुश्मनों के लिए चुनौती बन चुके हैं. भारतीय वायुसेना की 1000 से अधिक फाइटर जेट्स की ताकत न सिर्फ सीमा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा भरोसा भी देगी.
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