AMCA: भारत अब उन गिने-चुने देशों की कतार में शामिल होने की ओर अग्रसर है, जो अपने खुद के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट विकसित कर रहे हैं. जैसे अमेरिका के पास F-22 और F-35, रूस के पास Su-57 और चीन के पास J-20 हैं, वैसे ही भारत भी अब अपना घरेलू स्टील्थ फाइटर जेट तैयार करने के अंतिम चरण में पहुंच रहा है. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का नाम है- एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA).
DRDO की एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने AMCA प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए हाल ही में Expression of Interest (EoI) जारी किया था. इस परियोजना में भाग लेने के लिए देश की सात प्रमुख निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने आवेदन किया है. इनमें प्रमुख नाम हैं:
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
इनमें से केवल दो कंपनियों को इस प्रोजेक्ट में अंतिम रूप से भागीदार बनने का मौका मिलेगा. उन्हें शुरू में पांच प्रोटोटाइप मॉडल तैयार करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा.
कौन करेगा मूल्यांकन और कब होगा फैसला?
AMCA प्रोजेक्ट में भाग लेने वाली कंपनियों की बोलियों का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता कर रहे हैं ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व प्रमुख ए. शिवथानु पिल्लई. यह समिति बोली लगाने वाली कंपनियों की तकनीकी और व्यावसायिक क्षमता की जांच कर एक रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपेगी. इसके बाद ही तय होगा कि यह निर्माण कार्य किसे सौंपा जाएगा.
कब तक उड़ान भरेगा भारत का AMCA?
करीब 2 लाख करोड़ रुपये के इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत 125 से अधिक स्टील्थ फाइटर जेट्स का निर्माण प्रस्तावित है. हालांकि, यह उम्मीद की जा रही है कि पहला AMCA विमान 2035 तक भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल हो सकेगा. यानी आने वाले एक दशक में भारत पूरी तरह से स्वदेशी स्टील्थ तकनीक से लैस हो सकता है.
क्यों जरूरी है AMCA भारत के लिए?
भारत की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए खासकर चीन और पाकिस्तान जैसे परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसियों की मौजूदगी, वायुसेना को अत्याधुनिक और अपग्रेडेड लड़ाकू विमानों की ज़रूरत है. अभी तक भारत फ्रांस से 36 राफेल-सी विमान खरीद चुका है और हाल ही में 26 और राफेल-एम विमान खरीदने के लिए 63,000 करोड़ रुपये की डील भी की गई है, जिनकी डिलीवरी 2031 तक की जाएगी.
AMCA का विकास भारत की आत्मनिर्भरता (Aatmanirbhar Bharat) को बढ़ावा देने के साथ-साथ वायुसेना की ताकत को भी कई गुना बढ़ा देगा.
AMCA की ताकत और विशेषताएं
भारत का AMCA एक अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर होगा, जिसमें कई आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है:
इसका कुल वजन लगभग 25 टन होगा और यह किसी भी मौसम और दुश्मन के हालात में ऑपरेशन करने की क्षमता रखेगा.
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