कूनो नेशनल पार्क में बढ़ा चीतों का कुनबा, ‘मुखी’ ने 5 शावकों को दिया जन्म, देखें VIDEO

Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक ऐतिहासिक घटना घटी है. भारत में जन्मी मादा चीता मुखी अब मां बन गई हैं. यह घटना चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक मानी जा रही है, क्योंकि यह भारत में चीतों के पुनः प्रजनन के लिए एक बड़ा कदम है.

Indian cheetah Mukhi gives birth to 5 cubs at Kuno National Park
Image Source: Social Media

Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक ऐतिहासिक घटना घटी है. भारत में जन्मी मादा चीता मुखी अब मां बन गई हैं. यह घटना चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक मानी जा रही है, क्योंकि यह भारत में चीतों के पुनः प्रजनन के लिए एक बड़ा कदम है. मुखी ने कूनो पार्क में पांच शावकों को जन्म दिया है, जिससे न सिर्फ चीता की संख्या बढ़ेगी, बल्कि देश में पहली बार भारत में जन्मी मादा चीता ने प्रजनन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है.

भारत में अब तक जन्मे चीतों के लिए यह एक नई शुरुआत है. कूनो नेशनल पार्क में जन्मी मादा चीता मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया है, और अब वह मां बन चुकी हैं. यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत में चीता प्रोजेक्ट के तहत चीतों को फिर से बसाने का काम किया जा रहा था, और यह सफलता इस प्रोजेक्ट की लंबी और मेहनत भरी यात्रा का एक बेहतरीन परिणाम है.

वीडियो में दिखा मुखी का शावकों के साथ स्नेहपूर्ण रिश्ता

कूनो पार्क प्रबंधन ने इस ऐतिहासिक क्षण का वीडियो शेयर किया है, जिसमें मादा चीता मुखी अपने शावकों को स्तनपान करवा रही हैं. इस वीडियो ने देश भर में चीता प्रोजेक्ट की सफलता को लेकर उम्मीदों को और भी मजबूत किया है. विशेषज्ञ इसे भारत में चीता प्रोजेक्ट की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देख रहे हैं.

सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस सफलता पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर लिखा कि, "भारत में जन्मी चीता मुखी ने मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पांच बच्चों को जन्म दिया है. यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. मां और बच्चे ठीक हैं. यह देश के चीता रीइंट्रोडक्शन इनिशिएटिव के लिए एक बहुत बड़ी सफलता है. 33 महीने की उम्र में भारत में जन्मी पहली मादा चीता मुखी अब बच्चे पैदा करने वाली भारत में जन्मी पहली चीता बन गई है, जो प्रोजेक्ट चीता के लिए बेहद खास है."

सीएम यादव ने कहा कि, "भारत में जन्मे चीते का सफल प्रजनन, भारतीय जगहों पर इस प्रजाति के एडैप्टेशन, हेल्थ और लंबे समय की संभावनाओं का एक बेहतर प्रयास है. यह बड़ा कदम भारत में आत्मनिर्भर और जेनेटिकली अलग-अलग तरह के चीतों की आबादी बनाने की उम्मीद को और मजबूती देता है, जिससे देश के कंजर्वेशन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी."

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, MP के न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर कर दी 61 साल