वेनेजुएला की राजधानी काराकास में राष्ट्रपति भवन पालासियो डी मिराफ्लोरेस के आसपास उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब इलाके में अचानक गोलियों की आवाजें और धमाके सुनाई दिए. इस घटना से पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब देश पहले से ही गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा संकट से गुजर रहा है.
बताया जा रहा है कि यह घटना उस दिन हुई, जब डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था. इससे ठीक दो दिन पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी. इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति भवन के पास गोलीबारी की आवाजें सुनाई देना लोगों के लिए और भी ज्यादा चिंता का कारण बन गया.
ड्रोन देखे जाने के बाद हुई सुरक्षा कार्रवाई
प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन और उसके आसपास कुछ संदिग्ध ड्रोन उड़ते हुए देखे गए. इसके बाद सुरक्षाबलों ने तत्काल प्रतिक्रिया दी और उन ड्रोन को निशाना बनाकर गोलीबारी की. एहतियात के तौर पर आसपास मौजूद कई सरकारी इमारतों और मंत्रालयों को खाली कराया गया.
हालांकि कुछ देर बाद वेनेजुएला के अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. अधिकारियों के मुताबिक यह मामला सेना के भीतर हुई एक संचार संबंधी चूक का भी हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है.
स्थानीय लोगों में डर और अनिश्चितता
राष्ट्रपति भवन से कुछ ही दूरी पर रहने वाले स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कुछ मिनटों तक लगातार गोलियों की आवाजें सुनीं. लोगों को पहले समझ नहीं आया कि यह किसी बड़े हमले की शुरुआत है या फिर कोई सुरक्षा अभ्यास. अचानक हुई इस गोलीबारी से इलाके में रहने वाले लोग डर गए और कई लोग अपनी खिड़कियों और बालकनियों से बाहर झांककर स्थिति समझने की कोशिश करने लगे.
एक निवासी ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि शायद आसमान में कोई सैन्य विमान या हेलीकॉप्टर उड़ रहा होगा. हालांकि बाहर देखने पर आसमान में कोई स्पष्ट गतिविधि नजर नहीं आई. कुछ ही देर बाद गोलीबारी रुक गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली.
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बढ़ा तनाव
वेनेजुएला पहले से ही गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है. हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए सैन्य ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की खबर ने देश को झकझोर दिया है. इसके बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई और डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली.
इसी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राष्ट्रपति भवन के पास हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. राजधानी काराकास में कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
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