पूर्वी जावा के सिदोआर्जो शहर में मंगलवार की शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल की इमारत नमाज़ के समय भरभराकर गिर गई. इस भयावह मंजर में अब तक 91 छात्र लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दर्जनों घायल अस्पताल में भर्ती हैं.
यह हादसा अल-खोज़िनी इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल में उस समय हुआ, जब छात्र नियमित तौर पर शाम की नमाज़ अदा कर रहे थे. जानकारी के अनुसार, मस्जिद स्कूल की ग्राउंड फ्लोर पर बनी हुई थी, जबकि ऊपर की मंज़िलों पर निर्माण कार्य चल रहा था. नमाज़ के दौरान अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई, जिससे छात्र मलबे में दब गए. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि भवन की नींव ऊपरी मंज़िलों पर हो रहे अवैध निर्माण का भार नहीं झेल सकी, जिससे यह दुर्घटना हुई.
रोते-बिलखते परिजन, बेसब्री से इंतज़ार
घटना की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. परिजन मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को तलाशने लगे. कई माता-पिता और रिश्तेदार स्कूल के बाहर लगे सफेद बोर्ड पर बचे हुए छात्रों के नाम ढूंढते नज़र आए. 49 वर्षीय अब्दुल्ला आरिफ, जो अपने भतीजे रोसी को ढूंढ रहे थे, मोबाइल में उसकी तस्वीर दिखाते हुए रो पड़े. उन्होंने कहा, “मैं मलबे में दौड़ रहा था और चिल्ला रहा था— रोसी! अगर तुम सुन सकते हो, तो आवाज़ दो! तभी किसी बच्चे की आवाज़ आई, लेकिन वो रोसी नहीं था...” यह दृश्य किसी का भी दिल तोड़ने के लिए काफी था.
बचाव कार्य में चुनौतियां, मशीनों का उपयोग रोका गया
हालात इतने नाज़ुक हैं कि बचावकर्मियों को भारी मशीनों के उपयोग पर रोक लगानी पड़ी है. राहत अधिकारी नानांग सिगिट ने बताया कि इमारत का शेष हिस्सा अब भी अस्थिर है, जिससे बचाव टीम को क्रेन और खुदाई मशीनें फिलहाल हटानी पड़ीं. इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने पुष्टि की कि “घटनास्थल पर राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है. अभी 91 छात्र लापता हैं, जबकि 26 को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया है.”
निर्माण में अनियमितता की आशंका
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल की इमारत की चौथी मंज़िल के निर्माण को लेकर कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी. अब्दुस सलाम मुजीब, जो स्कूल की देखरेख करते हैं, ने बताया कि “नमाज़ से पहले निर्माण कार्य रोक दिया गया था, लेकिन ऊपर बनी संरचनाओं का भार नींव नहीं सह सकी.”
अब तक कई मौतों की पुष्टि, राहत कार्य जारी
अधिकारियों ने अब तक कई छात्रों की मौत की पुष्टि की है. हालांकि अंतिम आंकड़े अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. राहतकर्मी मलबे के नीचे फंसे बच्चों को बाहर निकालने में जुटे हैं, लेकिन समय के साथ चुनौती और गंभीर होती जा रही है.
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