Dhurandhar Movie News: आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ भले ही रणवीर सिंह को लीड रोल में लेकर आई हो, लेकिन फिल्म रिलीज़ के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अक्षय खन्ना के अभिनय को लेकर हो रही है. उनके किरदार, बॉडी लैंग्वेज, डायलॉग डिलीवरी और यहां तक कि स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी ने दर्शकों और आलोचकों का खास ध्यान खींचा है. कई लोगों का मानना है कि अक्षय खन्ना ने फिल्म में ऐसा प्रभाव छोड़ा कि बाकी कलाकारों पर उनकी छाप भारी पड़ गई.
हालांकि, फिल्म में काम कर चुके अभिनेता नवीन कौशिक का मानना है कि जहां अक्षय खन्ना को उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए सराहना मिलनी ही चाहिए, वहीं रणवीर सिंह के काम को उतनी गंभीरता से नहीं देखा गया, जितना देखा जाना चाहिए था.
सेट पर दिखी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की झलक
नवीन कौशिक ने हाल ही में सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में फिल्म के सेट से जुड़े अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की ऑन-स्क्रीन डायनामिक्स का असर शूटिंग के दौरान उनकी रियल लाइफ बिहेवियर में भी दिखाई देता था.
उनके मुताबिक, रणवीर सिंह सेट पर सभी को दोस्ताना माहौल में ट्रीट करते थे. वे क्रू और को-एक्टर्स के साथ हंसी-मजाक करते, बातचीत करते और पूरे सेट में एक एनर्जेटिक माहौल बनाए रखते थे. इसके उलट, अक्षय खन्ना अक्सर थोड़ी दूरी बनाए रखते नजर आते थे.
अक्षय खन्ना: शांत, ऑब्जर्वेंट और पूरी तरह किरदार में डूबे हुए
नवीन कौशिक के अनुसार, अक्षय खन्ना का यह व्यवहार किसी तरह का घमंड नहीं था, बल्कि उनके काम करने के तरीके का हिस्सा था. वे अपने किरदार में पूरी तरह डूबे रहते थे और शूटिंग के दौरान भी उसी मानसिक स्थिति को बनाए रखते थे.
उन्होंने बताया कि जब कोई उनसे बातचीत करने जाता था, तो अक्षय खन्ना बेहद शालीनता और सम्मान के साथ बात करते थे. लेकिन जैसे ही बातचीत खत्म होती, वे फिर से अपने “जोन” में लौट जाते थे. नवीन के मुताबिक, यह समझ पाना मुश्किल था कि यह मेथड एक्टिंग का हिस्सा था या फिर उनके निभाए गए किरदार रहमान डकैत की शांत, रहस्यमयी और अनप्रिडिक्टेबल पर्सनैलिटी का असर.
सेट पर गैंग के बाकी कलाकार अक्सर एक साथ बैठकर हंसी-मजाक करते थे, जबकि अक्षय खन्ना अलग बैठकर चीजों को ऑब्ज़र्व करते नजर आते थे. यह सिलसिला लगभग पूरे शूट के दौरान बना रहा.
रणवीर सिंह: कैमरा बंद होते ही किरदार से बाहर
रणवीर सिंह के बारे में बात करते हुए नवीन कौशिक ने कहा कि वे अपने निभाए गए किरदार हमजा से बिल्कुल अलग इंसान हैं. रणवीर असल जिंदगी में बेहद एनर्जेटिक, जिज्ञासु और लोगों से घुलने-मिलने वाले हैं.
नवीन के अनुसार, जैसे ही डायरेक्टर “कट” बोलते थे, रणवीर तुरंत अपने किरदार से बाहर आ जाते थे. वे सेट पर मौजूद हर किसी से बातचीत करते, सवाल पूछते और बच्चों जैसी उत्सुकता के साथ नई चीजें सीखना चाहते थे. उन्होंने यह भी साफ किया कि रणवीर सिंह में किसी तरह के “स्टार नखरे” नहीं थे और वे हमेशा एक्टर्स और टेक्नीशियन्स को बराबरी का सम्मान देते थे.
“रणवीर के साथ थोड़ा अन्याय हुआ”
अक्षय खन्ना की तारीफ करते हुए भी नवीन कौशिक ने यह माना कि फिल्म को लेकर बनी चर्चा में रणवीर सिंह का योगदान कुछ हद तक नजरअंदाज कर दिया गया. उनका कहना था कि इसमें कोई शक नहीं कि अक्षय खन्ना ने एक ऐसा किरदार रचा है, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा. लेकिन रणवीर सिंह का काम भी बेहद चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली था. अपनी असली जिंदगी की एनर्जी को पूरी तरह कंट्रोल कर, आवाज़ में बदलाव लाकर और एक शांत, अंडरप्ले किरदार निभाना आसान नहीं होता.
जानबूझकर अंडरप्ले किया गया किरदार
नवीन कौशिक का मानना है कि रणवीर सिंह का किरदार जानबूझकर कम आक्रामक और लो-की रखा गया था. वह किरदार खुद पर ध्यान खींचने की कोशिश नहीं करता. उन्होंने कहा कि अगर रणवीर चाहते, तो अपनी स्टार पावर का इस्तेमाल कर आसानी से खुद को ज्यादा हाईलाइट कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
उनके मुताबिक, एक असुरक्षित अभिनेता शायद ऐसा करता, लेकिन रणवीर ने अपने किरदार और कहानी की ईमानदारी को प्राथमिकता दी. उन्होंने दूसरे कलाकारों को भी चमकने का पूरा मौका दिया, जो उनके प्रोफेशनलिज्म को दिखाता है.
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