आईएनएस इक्षक: समुद्र का नया 'मार्गदर्शक', भारतीय नौसेना की स्वदेशी ताकत में एक और ऐतिहासिक इज़ाफा

INS Ikshak: भारतीय नौसेना के इतिहास में गुरुवार का दिन एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ने जा रहा है. साउदर्न नेवल कमांड, कोच्चि में आज नौसेना के तीसरे ‘Survey Vessel Large (SVL)’ वर्ग के जहाज, आईएनएस इक्षक (INS Ikshak) को औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल किया जाएगा.

INS Ikshak Margdarshak of the sea addition to the indigenous strength of the Indian Navy
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INS Ikshak: भारतीय नौसेना के इतिहास में गुरुवार का दिन एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ने जा रहा है. साउदर्न नेवल कमांड, कोच्चि में आज नौसेना के तीसरे ‘Survey Vessel Large (SVL)’ वर्ग के जहाज, आईएनएस इक्षक (INS Ikshak) को औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल किया जाएगा.

यह केवल एक नया जहाज नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के समुद्री संकल्प का प्रतीक है, एक ऐसा पोत जो पूरी तरह भारतीय तकनीक और कौशल से तैयार हुआ है.

‘इक्षक’: नाम में ही है इसकी पहचान

‘इक्षक’, संस्कृत शब्द, जिसका अर्थ होता है मार्गदर्शक या गाइड. यह नाम इस पोत की भूमिका को सटीक रूप से दर्शाता है. समुद्र की गहराइयों को समझना, सीमाओं की निगरानी करना और नौवहन को सुरक्षित बनाना, यही इस जहाज का मूल उद्देश्य है.

आईएनएस इक्षक को विशेष रूप से दक्षिणी नौसैनिक कमान के लिए तैयार किया गया है, जिससे भारतीय नौसेना की हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण क्षमता और अधिक सशक्त होगी.

80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी निर्माण

इस सर्वे वेसल का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने किया है. गर्व की बात यह है कि इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों और सामग्री का उपयोग किया गया है. यह न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि भारत की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर नौसेना की दिशा में एक बड़ा कदम भी है.

अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ‘समुद्री मार्गदर्शक’

आईएनएस इक्षक में वे सभी अत्याधुनिक उपकरण हैं जो इसे 21वीं सदी के सर्वे वेसल की श्रेणी में सबसे आगे रखते हैं-

हाई-रिज़ॉल्यूशन मल्टी-बीम इको साउंडर: समुद्र तल की सटीक मैपिंग के लिए

ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल (AUV): गहराई तक स्वत: सर्वेक्षण करने के लिए

रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV): कठिन परिस्थितियों में डाटा एकत्र करने के लिए

चार सर्वे मोटर बोट्स (SMB): विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ सर्वे करने के लिए

इन सभी उपकरणों की मदद से इक्षक समुद्र की गहराइयों, धाराओं, और जल की गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण कर सकेगा.

रणनीतिक दृष्टि से एक मील का पत्थर

आईएनएस इक्षक का शामिल होना सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है. यह जहाज न केवल भारत की समुद्री सीमाओं की निगरानी को सशक्त बनाएगा, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की मैरिटाइम डोमिनेंस को और मजबूत करेगा.

जहां एक ओर यह पोर्ट और नेविगेशन चैनलों के सटीक नक्शे तैयार करेगा, वहीं दूसरी ओर यह समुद्री सुरक्षा, व्यापार मार्गों की निगरानी और वैज्ञानिक अनुसंधान में भी अहम भूमिका निभाएगा.

स्वदेशी शक्ति का नया प्रतीक

आईएनएस इक्षक भारतीय नौसेना के उस विज़न का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें आधुनिक तकनीक, स्वदेशी निर्माण और सामरिक क्षमता का अनूठा संगम है. यह न केवल एक जहाज है, बल्कि भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता का तैरता प्रतीक है.

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