Urvil Patel Fifty: उर्विल पटेल ने इंडियन प्रीमियर लीग में ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया. चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के मुकाबले में उर्विल पटेल ने सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर आईपीएल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया.
उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी लगाने के मामले में यशस्वी जायसवाल की बराबरी कर ली. उनकी इस तूफानी पारी ने मैच का माहौल पूरी तरह बदल दिया और लखनऊ के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा.
पहली 8 गेंदों में ही जड़ दिए 6 छक्के
उर्विल पटेल शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए. उन्होंने मैदान पर आते ही बड़े शॉट खेलने शुरू कर दिए. उनकी बल्लेबाजी इतनी खतरनाक थी कि शुरुआती 8 गेंदों में ही उन्होंने 6 छक्के जड़ दिए.
सिर्फ आठ गेंदों में उर्विल 42 रन तक पहुंच चुके थे और ऐसा लगने लगा था कि वह टी20 क्रिकेट के सबसे चर्चित रिकॉर्ड्स में से एक को तोड़ सकते हैं. उनकी बल्लेबाजी को देखकर उम्मीद जताई जा रही थी कि वह युवराज सिंह के 12 गेंदों में अर्धशतक लगाने वाले ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगे.
स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के बाद टूटा मोमेंटम
उर्विल पटेल जब तेजी से रन बटोर रहे थे, तभी पावरप्ले खत्म होने के बाद रणनीतिक विश्राम हो गया. माना जा रहा है कि इस ब्रेक का असर उनकी लय पर पड़ा. जहां शुरुआती 42 रन बनाने में उन्होंने सिर्फ 8 गेंदें ली थीं, वहीं अगले 8 रन तक पहुंचने में उन्हें 5 गेंदों का सामना करना पड़ा. हालांकि इसके बावजूद उन्होंने आईपीएल इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका नहीं गंवाया.
उन्होंने आखिरकार 13 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इस दौरान कुल 6 छक्के जड़ दिए. उनकी यह पारी आईपीएल इतिहास की सबसे विस्फोटक पारियों में शामिल हो गई है.
आईपीएल इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज
उर्विल पटेल अब आईपीएल में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए हैं.
युवराज सिंह का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके
हालांकि उर्विल पटेल आईपीएल में सबसे तेज फिफ्टी लगाने वालों में शामिल हो गए, लेकिन वह युवराज सिंह का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए. युवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सिर्फ 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया था, जो आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक रिकॉर्ड्स में गिना जाता है.
उर्विल उस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन रणनीतिक विश्राम के बाद उनकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई. फिर भी उनकी यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट फैंस को याद रहने वाली है.
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