'हमला करने वाले का हाथ काट दिया जाएगा', ट्रंप की धमकी पर गुस्से में ईरान के आर्मी चीफ, दे दी चेतावनी

ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. हाल ही में ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हतामी ने 7 जनवरी 2026 को एक सख्त चेतावनी जारी की है.

Iran Army Chief warns against Trump attack threats
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ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. हाल ही में ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हतामी ने 7 जनवरी 2026 को एक सख्त चेतावनी जारी की है. उनके बयान में कहा गया कि कोई भी विदेशी ताकत ईरान को धमकी नहीं दे सकती और अगर कोई हमला करता है तो उसका “सख्त जवाब” दिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार की गलती बर्दाश्त नहीं करेगा.

अमेरिकी धमकी पर ईरान की प्रतिक्रिया

इस चेतावनी का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों के जवाब में हुआ है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर लिखा कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की जाती है या उन्हें मार दिया जाता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए तुरंत हस्तक्षेप करेगा. ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि अमेरिका “तैयार और सशस्त्र” है.

अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने भी ईरान के नेतृत्व को सीधे चेतावनी दी. एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को संबोधित करते हुए कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारते रहने का सिलसिला जारी रहा तो डोनाल्ड ट्रंप गंभीर कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि तेहरान को अमेरिकी चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए.

ईरान में विरोध प्रदर्शन

ईरान में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. ये प्रदर्शन महंगाई, मुद्रा के मूल्य में गिरावट और बढ़ते आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए थे. विरोध प्रदर्शन पहले तेहरान में शुरू हुए और धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गए.

कई शहरों में प्रदर्शनकारी स्थानीय सरकारी कार्यालयों में घुसकर तोड़फोड़ और आग लगाने जैसी घटनाओं में शामिल हुए. उदाहरण के तौर पर, फासा शहर में प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर के कार्यालय में तोड़फोड़ की और पत्थर फेंके. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रदर्शनकारियों से शांत रहने की अपील की और कहा कि सरकार टैक्स बढ़ाने की योजना पर पुनर्विचार करेगी. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बदलाव की मांग जायज है.

अमेरिका और इज़राइल का समर्थन

अमेरिका और इज़राइल ने ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है. इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे ईरानी लोगों की आजादी और न्याय की लड़ाई के साथ खड़े हैं. उनके अनुसार, ईरानी लोग अब अपने भविष्य का फैसला खुद कर रहे हैं.

ईरान की सेना तैयार

मेजर जनरल अमीर हतामी ने सेना और स्टाफ यूनिवर्सिटी के छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान बढ़ती धमकियों को गंभीर खतरे के रूप में देखता है और इसे बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना अब जून 2025 में इज़राइल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध की तुलना में कहीं ज्यादा तैयार है. अगर कोई भी दुश्मन गलती करता है, तो जवाब और भी कड़ा होगा.

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारिजानी ने भी X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए.

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