मिसाइल अपग्रेड, 24 घंटे प्रोडक्शन... परमाणु जंग तैयारी में जुटा ईरान, इजरायल-अमेरिका पर होगा हमला?

ईरान में भले ही पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हों, लेकिन इसके बावजूद इस्लामिक शासन ने सत्ता पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी है.

Iran preparing for nuclear war with Israel-America
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Bharat 24

तेहरान: ईरान में भले ही पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हों, लेकिन इसके बावजूद इस्लामिक शासन ने सत्ता पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी है. विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार ने सख्त और दमनकारी कदम उठाए, जिसमें हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आंकड़ा 12,000 से भी अधिक बताया जा रहा है.

इन हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आंतरिक विद्रोह को बेरहमी से कुचलने के बाद ईरान का कट्टरपंथी नेतृत्व वैश्विक शांति के लिए पहले से कहीं अधिक बड़ा खतरा बन सकता है, खासकर तब जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में ईरानी नेतृत्व को लेकर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है.

ट्रंप के नरम बयान और ईरान की चुपचाप तैयारी

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के नेतृत्व ने गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की कथित योजना को रद्द कर दिया है. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संकेत गया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ सैन्य टकराव से बचना चाहता है.

हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञों को डर है कि बाहरी दबाव में आई कमी के बीच ईरान का नेतृत्व भीतर से असुरक्षित महसूस कर रहा है और इसी वजह से वह किसी “आखिरी और निर्णायक टकराव” की तैयारी में जुट गया है.

मिसाइल कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहा है

ब्रिटिश मीडिया आउटलेट द सन ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु हथियार विकास को लगातार आगे बढ़ा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जून में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हुए अमेरिकी हमलों के बावजूद तेहरान का अधिकांश परमाणु सामग्री सुरक्षित बच गई थी.

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास करीब आधा टन संशोधित यूरेनियम मौजूद है, जिसे भविष्य में हथियारों के स्तर तक संवर्धित किया जा सकता है.

इजरायल पर बड़े हमले की योजना

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान आने वाले समय में इजरायल पर करीब 2000 मिसाइलों से बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है. अगर ऐसा होता है, तो यह हमला पिछले जून में हुए 12 दिनों के युद्ध से भी कहीं ज्यादा विनाशकारी साबित हो सकता है.

जून में हुए हवाई संघर्ष के दौरान ईरान ने लगभग 550 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 से अधिक ड्रोन लॉन्च किए थे, जिससे इजरायल को भारी नुकसान हुआ था और बड़ी संख्या में नागरिकों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी थी.

इजरायली एयर डिफेंस को भेदने में सफल रॉकेट

बताया गया है कि उस दौरान ईरान से दागे गए 10 प्रतिशत से अधिक रॉकेट इजरायल की एयर डिफेंस प्रणाली को भेदने में सफल रहे थे. सबसे बड़ा हमला करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलों का था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में ईरान की तैयारी इससे कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकती है, जिसे रोक पाना इजरायल के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा.

चीन की तकनीक से मिसाइलों को कर रहा अपग्रेड

विशेषज्ञों का दावा है कि ईरान को इस सैन्य विस्तार में चीन की तकनीकी मदद मिल रही है. इसी सहयोग से ईरान अब एक साथ पहले से दस गुना ज्यादा उन्नत बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें लॉन्च करने की क्षमता विकसित कर रहा है.

अगर यह योजना सफल होती है, तो इजरायल की मौजूदा रक्षा प्रणाली पर इसका भारी दबाव पड़ेगा.

24 घंटे चल रही हैं मिसाइल प्रोडक्शन लाइनें

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देशभर में हिंसक प्रदर्शनों के बावजूद ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन इकाइयां 24 घंटे लगातार काम कर रही हैं. ईरान लगातार परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत से इनकार करता रहा है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं.

इजरायल का पलटवार और बड़े संघर्ष की आशंका

इजरायल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के विशेषज्ञ डॉ. रज जिम्ट, जिन्होंने तीन दशकों तक ईरानी खतरों पर अध्ययन किया है, ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध का अगला चरण शुरू होता है तो इजरायल सिर्फ सैन्य ठिकानों, परमाणु सुविधाओं या मिसाइल बेस को ही निशाना नहीं बनाएगा.

उनके मुताबिक, इजरायल तेल प्रतिष्ठानों और यहां तक कि सीधे इस्लामिक शासन के केंद्रों पर भी हमला कर सकता है.

परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम का दावा

डॉ. जिम्ट ने यह भी कहा कि ईरान चुप बैठने वाला नहीं है और वह मिसाइलों से जोरदार जवाब देगा. इससे संघर्ष का दायरा खाड़ी देशों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक फैल सकता है.

विशेषज्ञों का दावा है कि ईरान के पास इस समय कम से कम 400 किलोग्राम यूरेनियम है, जो लगभग 60 प्रतिशत तक संवर्धित है. अगर इसे 90 प्रतिशत के सैन्य स्तर तक पहुंचाया जाए, तो यह करीब 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त हो सकता है.

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