तेहरान: अमेरिका की ओर से बढ़ते दबाव और हालिया घटनाओं के बाद ईरान में तख्तापलट की चर्चा तेज हो गई है. निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, ईरान में सत्ता को लेकर अनिश्चितता और चिंता का माहौल बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर बयान दिया है और व्हाइट हाउस से फारसी भाषा में अलर्ट जारी किया गया है. इन घटनाओं के बीच ईरान ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए त्वरित कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
खामेनेई का रूस में शिफ्ट होने का फैसला
समाचार रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने अपनी सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. माना जा रहा है कि खामेनेई रूस की राजधानी मॉस्को में शिफ्ट हो सकते हैं. खामेनेई, जो ईरान की सत्ता के सर्वोच्च नेता हैं, ईरान की रक्षा, न्याय और अन्य महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं. हालांकि, अभी वे तेहरान में ही रह रहे हैं, लेकिन हालात को देखते हुए उनके रूस जाने की संभावना जताई जा रही है. ईरान की सरकार ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं.
महंगाई के विरोध में प्रदर्शन और सरकार के कदम
27 दिसंबर से ईरान में महंगाई को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि वह महंगाई को रोकने में नाकाम रही है. इस विरोध प्रदर्शन में अब तक 16 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. ईरान में अमेरिकी मीडिया के मुताबिक यह प्रदर्शन सरकार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का कारण बन रहा है. इन हालात में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान में सैनिक भेजने की धमकी दी है, जिससे ईरान में भय का माहौल बना हुआ है.
ईरान ने इन विरोधों को काबू करने के लिए 3 गुना सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किया है. यह कदम जनता की नाराजगी को शांत करने और महंगाई पर काबू पाने के लिए उठाया गया है. इसके अलावा, सरकार ने वित्त मंत्रालय और उससे जुड़े विभागों में भी बदलाव किए हैं, जिससे सरकार का यह संदेश है कि वह अपनी जनता के साथ है.
टारगेट अटैक की रणनीति
ईरान की सरकार पहले प्रदर्शनकारियों पर सीधा हमला कर रही थी, जिसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए थे. इन वीडियो के आधार पर ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए सेना भेजने की धमकी दी थी. हालांकि, अब ईरान ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और सरकार ने टारगेट अटैक की नीति अपनाई है. इसके तहत सरकार प्रदर्शनकारियों को चुपचाप निशाना बना कर कार्रवाई करेगी. ईरान की खुफिया एजेंसियों ने इस रणनीति को अमल में लाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.
खुफिया कार्यों की समीक्षा के लिए बैठक
ट्रंप की धमकियों और बढ़ते विरोध के बीच, ईरान ने अपनी राष्ट्रीय संसद की रक्षा समिति की एक बैठक बुलाई है. इस बैठक में ईरान की खुफिया एजेंसियों की कार्यप्रणाली का विश्लेषण किया जाएगा, ताकि सरकार को यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसे किसी भी उथल-पुथल से निपटने के लिए उन्हें क्या कदम उठाने होंगे.
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