खौफ में ईरान! नए सुप्रीम लिडर के नाम की घोषणा से क्यों कतरा रहा तेहरान? इजरायल ने दी धमकी

Iran new Supreme Leader: ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर अहम फैसला लिया जा चुका है. देश की शक्तिशाली धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने आंतरिक विचार-विमर्श के बाद अगले सुप्रीम लीडर के लिए एक उम्मीदवार पर सहमति बना ली है, हालांकि अभी तक उस नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है.

Iran Tehran shying away announcing the name of the new Supreme Leader Israel threatened
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Iran new Supreme Leader: ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर अहम फैसला लिया जा चुका है. देश की शक्तिशाली धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने आंतरिक विचार-विमर्श के बाद अगले सुप्रीम लीडर के लिए एक उम्मीदवार पर सहमति बना ली है, हालांकि अभी तक उस नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. यह जानकारी ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए सामने आई है. यह बैठक लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद आयोजित की गई थी.

विशेषज्ञों की सभा ने लिया फैसला

खूजेस्तान प्रांत का प्रतिनिधित्व करने वाले असेंबली सदस्य मोहसिन हेइदरी ने इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी को बताया से बातचीत में बताया कि सभी संभावित नामों पर चर्चा करने के बाद अधिकांश सदस्यों की सहमति से सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का चयन कर लिया गया है.

सभा के एक अन्य सदस्य मोहम्मद मेहदी मीरबाघेरी ने फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी को बताया कि सदस्यों की राय के आधार पर ठोस निर्णय लिया गया है. हालांकि उन्होंने भी यह खुलासा नहीं किया कि सुप्रीम लीडर के पद के लिए किस व्यक्ति का चयन हुआ है.

इजराइल की सख्त चेतावनी

ईरान में यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है. इस खबर के सामने आते ही इजराइल की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है.

इजराइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी खामेनेई का उत्तराधिकारी होगा, वह संभावित रूप से निशाने पर हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान इजराइल के साथ टकराव जारी रखता है तो उसके नए सुप्रीम लीडर को भी बख्शा नहीं जाएगा.

संविधान के तहत होती है प्रक्रिया

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से कोई सीधा संबंध नहीं है. तेहरान विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ ज़हरा खराज़मी के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया ईरान के संविधान के नियमों के अनुसार होती है और इसमें असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की प्रमुख भूमिका होती है.

दरअसल ईरान के संविधान के अनुच्छेद 111 के तहत सुप्रीम लीडर के चयन का अधिकार इसी निकाय को दिया गया है. यह 88 सदस्यीय धार्मिक परिषद होती है, जिसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं. इस संस्था का काम सुप्रीम लीडर की योग्यता की समीक्षा करना, उनके कार्यों की निगरानी करना और जरूरत पड़ने पर नए नेता का चयन करना होता है.

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