इस्लामिक कट्टरपंथियों का आतंक... बांग्लादेश, यमन और सीरिया के बाद एक और मुल्क को कर दिया बर्बाद

दुनिया के सबसे हिंसक और खतरनाक आतंकवादी संगठनों में शुमार इस्लामिक स्टेट (आईएस) का आतंक एक बार फिर उजागर हो रहा है.

Islamic fundamentalists destroyed another country mozambique
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दुनिया के सबसे हिंसक और खतरनाक आतंकवादी संगठनों में शुमार इस्लामिक स्टेट (आईएस) का आतंक एक बार फिर उजागर हो रहा है. सीरिया, यमन जैसे देशों को तबाह करने के बाद अब अफ्रीका का एक और देश, मोज़ाम्बिक, इस संगठन के हमलों की चपेट में आ गया है. उत्तरी मोज़ाम्बिक में आईएस से जुड़े उग्रवाद ने हालात बेहद भयावह बना दिए हैं, और जुलाई से अब तक करीब तीन लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.

हिंद-धार्मिक और राजनीतिक संघर्षों पर वैश्विक ध्यान होने के बावजूद मोज़ाम्बिक की स्थिति पर अपेक्षित ध्यान नहीं गया. हालात इतने गंभीर हैं कि कई परिवार केवल एक बार नहीं बल्कि दो, तीन या चार बार अपने घर और गांव छोड़ने को मजबूर हुए हैं. अधिकारियों के पास इस विद्रोह को पूरी तरह दबाने के लिए कोई ठोस और प्रभावी योजना मौजूद नहीं है.

इतिहास और आईएस का उदय

उत्तरी मोज़ाम्बिक में आईएस-मोज़ाम्बिक समूह ने अक्टूबर 2017 में काबो डेलगाडो प्रांत के मोसिम्बोआ दा प्रिया में अपने पहले हमले किए. इसके बाद से इलाके में लगातार हिंसा और आतंक का दौर जारी है.

मार्च 2021 में पाल्मा शहर पर हुए हमले ने वैश्विक ध्यान खींचा. इस हमले और उसके बाद सेना द्वारा शहर पर पुनः कब्ज़ा करने में 600 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें विदेशी कर्मचारियों समेत मल्टी-बिलियन डॉलर के LNG प्रोजेक्ट में जुड़े लोग भी शामिल थे.

रवांडा की सेना और मोज़ाम्बिक की प्रतिक्रिया

रवांडा ने जुलाई 2021 में लगभग 1,000 सैनिक काबो डेलगाडो में तैनात किए, और अब वहां उनके 4,000 से 5,000 सैनिक मौजूद हैं. हालांकि, नागरिकों के खिलाफ हिंसा पूरी तरह नहीं रुकी. अकेले नवंबर 2025 में 1,00,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए, जब विद्रोहियों ने दक्षिण की ओर बड़ी घुसपैठ की.

इंडिपेंडेंट कॉन्फ्लिक्ट मॉनिटर Acled के अनुसार, नवंबर के अंत तक कुल विस्थापितों की संख्या 350,000 से अधिक हो गई, जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है.

नागरिकों पर बढ़ती हिंसा

साल 2025 में अब तक 302 हमलों में 549 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 290 आम नागरिकों की. 2017 से अब तक कुल लगभग 2,800 आम नागरिक मारे गए, जिनमें 80% की मौतें आईएस के हमलों में और लगभग 9% मौतें मोज़ाम्बिक की सेनाओं द्वारा हुईं.

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