Israel and Yemen war: यमन को धुआं-धुआं करेगा इजराइल! इन ठिकानों पर नेतन्याहू ने दिया हमले का आदेश

इजरायल और यमन के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ताज़ा घटनाक्रम में, इजरायल ने यमन की राजधानी सना में बड़ा हवाई हमला किया है. इस हमले का आदेश खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उस वक्त दिया जब वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शामिल होने अमेरिका रवाना हो रहे थे.

Israel and Yemen war Netanyahu order to attack on this places
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इजरायल और यमन के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ताज़ा घटनाक्रम में, इजरायल ने यमन की राजधानी सना में बड़ा हवाई हमला किया है. इस हमले का आदेश खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उस वक्त दिया जब वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शामिल होने अमेरिका रवाना हो रहे थे.


जानकारी के अनुसार, नेतन्याहू जब अपनी पत्नी के साथ वाशिंगटन के लिए उड़ान पर थे, तभी उन्होंने सीधे तौर पर सेना को यमन में जवाबी कार्रवाई का निर्देश दिया. इस आदेश के तुरंत बाद इजरायली वायुसेना ने सना में स्थित हूती विद्रोहियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया. इजरायल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि जिन जगहों पर बमबारी की गई, उनमें हूती जनरल स्टाफ मुख्यालय, सुरक्षा और खुफिया प्रतिष्ठान, सैन्य जनसंपर्क कार्यालय और हथियारों से भरे सैन्य शिविर शामिल थे.

ड्रोन हमले का बदला?

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले ही हूती विद्रोहियों ने इजरायल के लाल सागर तटवर्ती शहर ईलात में एक होटल पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया था. इस कथित हमले के जवाब में इजरायल ने अब यमन में आक्रामक रुख अपनाया है. IDF ने कहा कि यह कार्रवाई हूती संगठन द्वारा इजरायली नागरिकों और ठिकानों पर बार-बार किए गए हमलों की प्रतिक्रिया में की गई है. इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा.

नेतन्याहू का बयान: "मैं सच कहूंगा"

वाशिंगटन रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा, "मैं संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायली नागरिकों, सैनिकों और राष्ट्र का पक्ष स्पष्ट रूप से रखूंगा. जो लोग हत्यारों और बलात्कारियों के लिए एक स्वतंत्र राज्य की मांग करते हैं, मैं उन्हें चेतावनी दूंगा ऐसा नहीं होने दूंगा."

सुरक्षा और राजनीति के बीच संतुलन

नेतन्याहू की इस कार्रवाई को दो दृष्टिकोणों से देखा जा रहा है. एक ओर यह इजरायल की सुरक्षा नीति की स्पष्टता को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह संयुक्त राष्ट्र में उनके कड़े रुख की भूमिका भी तय करता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम नेतन्याहू की अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से बात रखने की रणनीति का हिस्सा है.

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