Israel Attacks Yemen: गाजा युद्ध का असर अब सिर्फ इजरायल और फलस्तीन तक सीमित नहीं रहा. पश्चिम एशिया में फैलते इस तनाव की चपेट में अब यमन भी आ चुका है. यमन की राजधानी सना में हुआ एक भीषण हवाई हमला ना सिर्फ राजनीतिक संकट को उजागर करता है, बल्कि निर्दोष लोगों की जिंदगी पर भी कहर बनकर टूटा.
सना में इजरायल का हवाई हमला
यमन की राजधानी सना में गुरुवार की रात इजरायली वायुसेना द्वारा किए गए हवाई हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई. हूथी विद्रोहियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की. मरने वालों में 4 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 बुजुर्ग शामिल हैं. इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं.
जवाबी कार्रवाई या मानवीय त्रासदी?
हूथियों ने दावा किया कि उन्होंने गुरुवार को दक्षिणी इजरायल के ईलात शहर पर ड्रोन हमला किया था, जिसमें 22 लोग घायल हुए थे. उसी का जवाब देने के लिए इजरायली सेना ने यह कार्रवाई की. हालांकि इस जवाबी हमला कितना उचित था, यह बहस का विषय है, खासकर जब इसमें मासूम नागरिकों की जान गई हो.
इजरायल ने क्या कहा?
इजरायली सेना के अनुसार, उन्होंने सना में हूथी सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर और सुरक्षा केंद्रों को निशाना बनाया. वहीं हूथी प्रवक्ता का कहना है कि हमला आवासीय इलाकों और बिजली आपूर्ति जैसे नागरिक ढांचों पर भी हुआ. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सुरक्षा प्रणाली ने हमले को कुछ हद तक रोका.
स्थानीय लोगों की ज़ुबानी
सना के एक निवासी ने बताया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि हूथी नेताओं के निवास के साथ-साथ आसपास के घर और वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए. विस्फोट के बाद का मंजर बेहद डरावना था—हर तरफ धूल और काले धुएं का गुबार था. कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है.
संघर्ष जारी, हालात गंभीर
गाजा में फलस्तीनियों के समर्थन में हूथी विद्रोही इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं. इजरायल भी पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई कर रहा है. लेकिन इस टकराव में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों का हो रहा है.
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