कोट पर QR कोड लगाकर नेतन्याहू ने दी स्पीच! क्या है इसकी वजह?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंच पर आये, तो उनका सूट किसी आम सूट की तरह नहीं था. उस पर एक बड़ा QR कोड टिका हुआ था, जिसने तुरंत ही मीडिया और सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी.

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंच पर आये, तो उनका सूट किसी आम सूट की तरह नहीं था. उस पर एक बड़ा QR कोड टिका हुआ था, जिसने तुरंत ही मीडिया और सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी. यह सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं था. यह इजरायल की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा था.

QR कोड इस तरह की कोशिशों का केंद्र बना रहा. नेतन्याहू ने बताया कि यह कोड 7 अक्टूबर की घटनाओं से जुड़ी एक वेबसाइट से जुड़ा है, जिसमें हमास के बंधकों की स्थिति और इजरायल की कार्रवाई की डिटेल्स हैं. उनका कहना है कि सूट और बैज के ज़रिये, ये संदेश सिर्फ केंद्र सरकार तक ही नहीं, आम जनता तक भी पहुँचाया जाना है.

नेतन्याहू की रणनीति: जन-प्रभुत्व और दृष्टि दोनों

नेतन्याहू ने इस पहल को सिर्फ सूचनात्मक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक कहा. उन्होंने Times Square और UN Headquarters के आस-पास डिजिटल स्क्रीन और ट्रकों पर ‘7 अक्टूबर को याद रखें’ के संदेश के साथ यही QR कोड प्रदर्शित करवाया. उनका मकसद था, दुनिया को याद दिलाना कि इन घटनाओं के पीछे क्या हुआ और यह संदेश इजरायल के विदेश नीति संवाद का एक हिस्सा है.

उस दिन UN मंडप पर जब नेतन्याहू ने अपने भाषण की शुरुआत की, उन्होंने पहले अपनी मातृभाषा हिब्रू में बंधकों से सीधा संवाद किया, फिर अंग्रेजी में अपनी बातें आगे बढ़ाईं. उन्होंने कहा हम आपको एक पल के लिए भी नहीं भूले हैं... इजरायल के लोग आपके साथ हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बंधकों को वापस लाया जाना चाहिए, और इस कोशिश में उनकी खुफिया एजेंसियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है.

हल्के माहौल का नमूना, हॉल के खालीपन से विरोध की परछाई

भाषण के शुरू होते ही हॉल से कई देशों के प्रतिनिधियों ने खड़े होकर बाहर निकलने का फैसला किया. यह विरोध इजरायल की गाज़ा नीति और उसके हालात के खिलाफ था. लेकिन जब इतराज़ हो रहा हो, तो समर्थन भी दिखता है. इजरायली प्रतिनिधिमंडल ने भाषण के दौरान तालियाँ बजाईं, जिससे साफ था कि उनका संदेश हल नहीं होगा.

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