दिल्ली में हाल ही में हुए धमाके के बाद जब तरह-तरह की अटकलें उड़ने लगीं तो सोशल मीडिया से लेकर कई विदेशी रिपोर्ट्स तक में दावा किया जाने लगा कि इसी वजह से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत आने का कार्यक्रम टाल दिया है. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग निकली. भारत सरकार और खुद इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ शब्दों में बता दिया है कि सुरक्षा कारणों का इस फैसले से कोई लेना-देना नहीं है.
मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू का भारत दौरा टलने की वजह सुरक्षा नहीं है, बल्कि शेड्यूल संबंधी तकनीकी कारण हैं. इसके तुरंत बाद इजरायली पीएमओ ने भी आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि भारत की सुरक्षा पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा भरोसा है.इजरायली पीएमओ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम मोदी और पीएम नेतन्याहू के बीच संबंध बेहद मजबूत हैं और दोनों देशों के बीच भरोसे का रिश्ता पहले से कहीं अधिक दृढ़ है. साथ ही यह भी बताया गया कि दोनों देशों की टीमें नई तारीख तय करने में जुट गई हैं.
नई तारीखों का इंतजार, रिश्तों में नहीं आई कोई दरार
राजनयिक सूत्रों का कहना है कि नेतन्याहू के भारत दौरे की नई तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी. पिछले कई वर्षों में भारत–इजरायल के बीच रिश्तों में गर्माहट बढ़ी है और रक्षा, तकनीक, कृषि, साइबर सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत हुआ है. माना जा रहा है कि नेतन्याहू की आगामी यात्रा इन संबंधों को एक कदम और आगे ले जाती.
2018 के बाद एक बार फिर मजबूत होती कड़ी
नेतन्याहू आखिरी बार 2018 में भारत आए थे, और तब से दोनों देशों के बीच कई अहम करार हुए. हाल की एक इजरायली मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया था कि दिल्ली हमले के बाद सुरक्षा कारणों से दौरा टाला गया, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय और इजरायली पीएमओ दोनों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.सरकारी बयानों से इतना तो साफ है कि दौरा सिर्फ “रीशेड्यूल” हुआ है, रद्द नहीं—और दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक साझेदारी पहले की तरह ही मजबूती के साथ बनी हुई है.
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