कतर में इजरायली हमले से बढ़ा मिडिल ईस्ट का तापमान, जानें हमास ने क्या कहा?

गाज़ा में लंबे समय से जारी तनाव के बीच इज़रायल ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को चौंकाते हुए कतर की राजधानी दोहा में हमास के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर हमला किया है.

Israel remarks over attack by katar how many fighters killed
Image Source: Social Media

गाज़ा में लंबे समय से जारी तनाव के बीच इज़रायल ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को चौंकाते हुए कतर की राजधानी दोहा में हमास के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर हमला किया है. यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब अमेरिका द्वारा प्रस्तावित संघर्षविराम वार्ता को लेकर उम्मीद की एक नई किरण जगी थी. हालांकि इस हमले ने हालात को और पेचीदा बना दिया है.

हमास ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि उसकी वरिष्ठ नेतृत्व टीम इस हमले में सुरक्षित रही है. हालांकि संगठन के अनुसार, इस हमले में उनके पांच निचले स्तर के सदस्य मारे गए, जिनमें हमास नेता खलील अल-हय्या के पुत्र की भी मृत्यु हुई है. इसके अलावा, कतर के गृह मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि कतर की आंतरिक सुरक्षा बल का एक सदस्य इस हमले में मारा गया है और कई अन्य घायल हुए हैं.

अमेरिका को थी पहले से जानकारी, ट्रंप ने जताई ‘चिंता’

इस कार्रवाई से ठीक पहले इज़रायल ने अमेरिका को इस हमले की जानकारी दे दी थी, जिसे बाद में अमेरिका ने कतर के अधिकारियों के साथ साझा किया. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने बताया कि पश्चिम एशिया मामलों के अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने कतर को आगाह कर दिया था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को "दुर्भाग्यपूर्ण" करार देते हुए कहा कि इससे शांति की कोशिशों को झटका लग सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत कर अपनी चिंताओं को सीधे तौर पर साझा किया है.

दोहा में धुएं का गुबार, कतर ने जताई सख्त आपत्ति

हमले के बाद कतर की राजधानी दोहा के कुछ हिस्सों में भारी धुआं उठता देखा गया. कतर सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे "अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का घोर उल्लंघन" बताया है. गौरतलब है कि कतर वर्षों से इज़रायल और हमास के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है और वहां अमेरिकी सेना की महत्वपूर्ण उपस्थिति भी है.

हमास के खिलाफ इज़रायली दबाव तेज़, संघर्षविराम की उम्मीद धुंधली

इज़रायल द्वारा गाज़ा और अब दोहा में किए गए हमले से यह साफ संकेत मिला है कि वह हमास के खिलाफ अपनी रणनीति में किसी तरह की नरमी नहीं बरतना चाहता. ऐसे में संघर्षविराम को लेकर चल रही बातचीत का भविष्य अब और अनिश्चित हो गया है. विशेषज्ञों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का मानना है कि इज़रायली कार्रवाई से “बंधकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और इससे स्थायी शांति प्रक्रिया को गहरा आघात पहुंचेगा. 

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयम की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इस हमले की आलोचना करते हुए कहा क “सभी पक्षों को अब भी युद्ध विराम के रास्ते पर चलना चाहिए, ना कि इसे और उलझाना चाहिए.” यह बात ऐसे समय में आई है जब इज़रायल गाज़ा शहर पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए व्यापक सैन्य अभियान की तैयारी में है.

नेतन्याहू ने ली जिम्मेदारी, बताया ‘ज़रूरी फैसला’

पहली बार किसी विदेशी भूमि पर सीधे हमास को निशाना बनाते हुए इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले की खुलकर जिम्मेदारी ली है. उन्होंने इसे “एक सोच-समझकर लिया गया सैन्य निर्णय” बताया और कहा कि यह कार्रवाई यरुशलम और गाज़ा में इज़रायली नागरिकों पर हालिया हमलों के जवाब में की गई है. इज़रायली सेना ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में ‘सटीक खुफिया सूचनाओं और लक्ष्य केंद्रित हथियारों’ का प्रयोग किया गया, हालांकि हमले की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.

यह भी पढ़ें: केपी ओली की कौन सी वो भूल जो उन्हें पड़ी भारी, चली गई पीएम की कुर्सी; चीन का क्या है कनेक्शन?