खामेनेई को कैसे मौत के घाट उतारेगा इजरायल? ईरान के आसमान में गूंज रहे नेतन्याहू के फाइटर जेट, महायुद्ध की आहट!

ईरान और इज़राइल के बीच टकराव अब उस स्तर पर पहुंच चुका है, जहां पीछे हटना अब किसी के लिए मुमकिन नहीं लगता.

Israel to kill Khamenei Netanyahu planes buzzing Iran skies
खामेनेई | Photo: X/Khamenei

मध्य पूर्व की तपती रेत पर इस वक़्त सिर्फ़ गर्म हवाएं नहीं, बल्कि बारूद की बू फैली हुई है. ईरान और इज़राइल के बीच टकराव अब उस स्तर पर पहुंच चुका है, जहां पीछे हटना अब किसी के लिए मुमकिन नहीं लगता. बातचीत की खिड़की खुली है, मगर बंदूक की आवाज़ें कहीं ज़्यादा तेज़ हैं. और सबसे चौंकाने वाला बयान — "अगर अयातुल्ला खामेनेई को खत्म करना पड़ा, तो करेंगे" — इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का साफ ऐलान अब इस लड़ाई को किसी भी सूरत में निर्णायक बना देना चाहता है.

इज़राइल का हमला अब सीधे रिहायशी इलाकों पर

सोमवार रात इज़राइली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान के कई रिहायशी और सरकारी ठिकानों पर बमबारी की. रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी चैनल IRIB को भी निशाना बनाया गया. तेहरान के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट-3 को खाली करने के आदेश जारी किए गए, जहां सबसे ज़्यादा धमाके सुने गए. इसी इलाके में IRIB का मुख्य ऑफिस है. हालांकि, कुछ घंटों के ठहराव के बाद चैनल ने फिर से लाइव प्रसारण शुरू कर दिया.

इज़राइल की मिसाइल शील्ड पर ईरान की भारी बमबारी

ईरान ने भी इज़राइल को करारा जवाब दिया. 370 बैलिस्टिक मिसाइलें इज़राइल की ओर दागी गईं, जिनमें से 30 ने लक्ष्य को हिट किया. इन हमलों में कम से कम 24 लोगों की मौत और 600 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है. इज़राइल की वायु रक्षा प्रणाली की अब तक की सबसे कठिन परीक्षा कही जा रही है ये रात.

अमेरिकी दबाव और ट्रंप की "शांति चेतावनी"

डोनाल्ड ट्रंप, जो अब खुलकर इस संकट पर बोल रहे हैं, कह चुके हैं कि ईरान यह लड़ाई नहीं जीत रहा और उसे बातचीत की मेज पर लौट आना चाहिए. कनाडा में चल रहे G7 समिट में ट्रंप ने कहा कि “समझौता अब टालना खतरनाक होगा.” इसी सम्मेलन में बाकी विश्व नेता भी चाहते हैं कि यह आग और न फैले.

तुर्की बना शरणस्थली, लेकिन डरा हुआ है

ईरान के हालात ऐसे हैं कि जो लोग सामर्थ्य रखते हैं, वे अब तुर्की की ओर पलायन कर रहे हैं. तुर्की के पास ईरान से सटी 569 किलोमीटर लंबी सीमा है और वह इस संघर्ष के बढ़ने से चिंतित है. तुर्की को डर है कि ईरान-इज़राइल जंग उसकी सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और शरणार्थी संकट को प्रभावित कर सकती है.

“खामेनेई की मौत से शांति आएगी”

सबसे सनसनीखेज बयान नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में दिया. जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ने अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की योजना को वीटो किया है, तो उन्होंने जवाब दिया — "अगर ऐसा होता है, तो यह संघर्ष खत्म हो जाएगा. यह बढ़ेगा नहीं."

क्या अब ईरान में तख्तापलट की पटकथा लिखी जा रही है?

तेहरान की सरकार पर अब दोतरफा दबाव है — एक तरफ इज़राइल के मिसाइलों की बारिश, और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक घेराबंदी. क्या सत्ताधारी ढांचे में विद्रोह पनपेगा? क्या सेना या रिवोल्यूशनरी गार्ड्स भीतर से ही बदलाव लाएंगे? ये सवाल अब चर्चा का विषय बन गए हैं.

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