तेल अवीव/गाजा/सना: मध्य पूर्व एक बार फिर भयंकर संघर्ष की चपेट में है. इजरायल और हमास के बीच महीनों से चला आ रहा तनाव अब खुली जमीनी जंग में तब्दील हो गया है. इजरायली सेना ने गाजा पट्टी के भीतर टैंक और सैनिक भेज दिए हैं और एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की है, जिसे इजरायल ने ‘मुख्य चरण’ करार दिया है. इस चरण में थल, वायु और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई हो रही है.
गाजा शहर की तंग गलियों में इजरायली फौज की दस्तक अब युद्ध को निर्णायक मोड़ की ओर ले जा रही है. इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया है कि इस अभियान का उद्देश्य हमास के मुख्य ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त करना है. अनुमान है कि गाजा शहर में करीब 3,000 हमास के लड़ाके सक्रिय हैं, जिनमें से कई भूमिगत सुरंगों में छिपे हैं.
शहर को चारों ओर से घेरा गया
इजरायल के मीडिया स्रोतों के अनुसार, दो डिवीजन पहले ही गाजा सिटी के भीतर दाखिल हो चुकी हैं, जबकि एक तीसरी डिवीजन ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है. मंगलवार तक IDF ने गाजा शहर के लगभग 40% हिस्से पर नियंत्रण का दावा किया है. यह अभियान रणनीतिक रूप से बेहद अहम बताया जा रहा है.
हुदैदा पर इजरायल का हवाई हमला
गाजा में कार्रवाई के समानांतर, इजरायल ने यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ भी एक बड़ा हवाई हमला किया है. यमन के हुदैदा पोर्ट पर स्थित सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाया गया. इजरायली सरकार का आरोप है कि हूती विद्रोही ईरान के इशारे पर इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की योजना बना रहे थे.
🚨Israel is striking Yemen's Hodeidah port pic.twitter.com/szExI7GqLT
— Sputnik (@SputnikInt) September 16, 2025
इस हमले में कई मीडिया संस्थानों के पत्रकारों की जान गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता फैल गई है. बताया जा रहा है कि इस हमले में कुल 31 पत्रकारों की मौत हुई है. राजधानी सना में हुए उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने इजरायल के खिलाफ विरोध जताया.
गाजा में मौत, बमबारी और पलायन
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही कम से कम 59 लोगों की जान गई है और करीब 386 लोग घायल हुए हैं. इस लंबे चले आ रहे संघर्ष में अब तक मरने वालों की संख्या 65,000 के करीब पहुंच गई है, हालांकि कई स्वतंत्र स्रोतों का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है.
यूनिसेफ का कहना है कि इस जंग से पांच लाख से ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं. गाजा के कई नागरिक उत्तर की ओर से पलायन कर दक्षिण की ओर जा रहे हैं, लेकिन वहां भी बमबारी की वजह से उन्हें कोई सुरक्षित जगह नहीं मिल रही.
"गाजा जल रहा है"- इजरायली रक्षा मंत्री
इजरायल के रक्षा मंत्री इस्रायल कैट्ज ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "गाजा जल रहा है. हमारी सेना आतंकी नेटवर्क को लोहे की मुट्ठी से कुचल रही है. जब तक हमारा उद्देश्य पूरा नहीं होता, हम रुकने वाले नहीं हैं." वहीं प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे युद्ध का "निर्णायक चरण" बताया है.
संयुक्त राष्ट्र ने लगाया नरसंहार का आरोप
इस संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजा में हो रही सैन्य कार्रवाई नरसंहार की परिभाषा में आती है और ये अंतरराष्ट्रीय कानूनों, विशेषकर जेनेवा कन्वेंशन, का उल्लंघन है. हालांकि, इजरायली सरकार ने इन आरोपों को "भ्रामक और झूठा" बताया है और कहा कि वह केवल आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है.
अमेरिका का समर्थन और ट्रंप की चेतावनी
जमीनी हमले की शुरुआत से पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इजरायल का दौरा किया और कहा कि अमेरिका, इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका का समर्थन जारी रहेगा और हमास को अपनी हरकतों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमास को सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा, "अगर बंधकों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया गया, तो हमास को उसके बहुत ही गंभीर परिणाम भुगतने होंगे."
अरब देशों में नाराजगी की लहर
इजरायल की इन कार्रवाइयों पर अरब देशों की प्रतिक्रिया बेहद तीखी रही है. कतर ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर शांति प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया है. कतर के अमीर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चिंता जताई और अमेरिका से स्पष्ट रुख की मांग की.
अरब-इस्लामिक सहयोग संगठन और अन्य खाड़ी देश इजरायल की कार्रवाई की कड़ी आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि इस युद्ध से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है.
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