Israel Attack Beirut: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर गहराने लगा है. लगभग एक वर्ष तक चले शांति काल के बाद इज़राइल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बड़ा हवाई हमला किया. यह हमला जून 2025 के बाद पहली बार हुआ है और इसे हिज़्बुल्ला के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया. इज़राइल की इस सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर व्यापक संघर्ष की आशंकाओं को हवा दे दी है, विशेष रूप से ऐसे समय जब पोप लियो 14वें आगामी दिनों में लेबनान की यात्रा पर पहुँचने वाले हैं.
इज़राइली सरकार के अनुसार ऑपरेशन बेरूत के दक्षिणी हिस्से में चलाया गया, जो लंबे समय से हिज़्बुल्ला का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इज़राइल डिफेंस फ़ोर्सेज ने “शहर के हृदय में प्रवेश कर हिज़्बुल्ला के चीफ ऑफ स्टाफ को निशाना बनाया,” जो संगठन की सैन्य संरचना और हथियारों के उत्पादन में केंद्रीय भूमिका निभाते थे.
सीएनएन से बातचीत में एक इज़राइली सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह हमला हयथम अली तबाताबाई को खत्म करने के इरादे से किया गया था, जिन्हें हिज़्बुल्ला की नेतृत्व शृंखला में नंबर दो की स्थिति प्राप्त है. हालांकि अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि क्षति का आकलन अभी जारी है और यह निश्चित नहीं है कि तबाताबाई हमले में मारे गए या नहीं.
इज़राइल की चेतावनी: हथियारों के भंडार को फिर विकसित न होने देंगे
रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने एक सख्त बयान जारी कर कहा कि उनका देश उत्तरी सीमाओं पर किसी भी तरह के संभावित खतरे को रोकने के लिए दृढ़ता से कार्रवाई करता रहेगा. उनके अनुसार यह हमला हिज़्बुल्ला को दोबारा सैन्य क्षमता इकट्ठा करने या हथियारों का पुनर्निर्माण करने से रोकने की रणनीति का हिस्सा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इज़राइल अपनी सुरक्षा नीतियाँ “स्वतंत्र निर्णयों” के आधार पर लेता है, और यह नहीं बताया कि क्या अमेरिका को पहले से सूचित किया गया था या नहीं.
लेबनान की प्रतिक्रिया: हमला युद्धविराम का उल्लंघन
लेबनान की ओर से इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई. स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्टों के अनुसार दक्षिणी उपनगर में हुए इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि इक्कीस अन्य घायल हो गए. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि इज़राइल जानबूझकर युद्धविराम समझौते का पालन करने से बच रहा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह “लेबनान और उसके नागरिकों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए निर्णायक हस्तक्षेप” करे.
हमले के बाद बेरूत में दहशत का माहौल
हमले के तुरंत बाद हरेत हरेक क्षेत्र में धुएँ के घने बादल उठते दिखाई दिए. यह इलाका घनी आबादी वाला है, जहाँ शाम के समय आमतौर पर सड़कों पर गतिविधि रहती है. हमला होने के बाद कई हिस्सों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. राहत कर्मियों और एम्बुलेंसों ने मौके पर पहुँचकर घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया.
यह भी पढे़ं- Google लाएगा नए सुरक्षा फीचर्स, ऑनलाइन फ्रॉड और स्कैम रोकने की दिशा में देखा जा रहा बड़ा कदम