नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष राजनयिक कार्यक्रम में इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने उपस्थित अधिकारियों, राजदूतों और नेताओं को चौंका दिया. उन्होंने अचानक इटालियन व्यंजन रिसोट्टो परोसकर वहां मौजूद सभी को आश्चर्यचकित कर दिया. यह कार्यक्रम इतालवी संस्कृति और पाक कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक अनूठा अवसर बन गया. उपस्थित लोग, जो सामान्य रूप से औपचारिक बैठक और चर्चा के लिए आए थे, उन्होंने ताजानी के इस कदम को बेहद सराहनीय और यादगार बताया.
एंटोनियो ताजानी ने इस अवसर का उपयोग यह दिखाने के लिए किया कि भोजन केवल पोषण का माध्यम नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति को सुदृढ़ करने का भी एक प्रभावी उपकरण हो सकता है. उन्होंने बताया कि भोजन साझा करना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है और औपचारिक चर्चाओं से परे मानवीय संबंधों को मजबूत करता है. उपस्थित लोगों ने कहा कि मंत्री के इस प्रत्यक्ष दृष्टिकोण ने राजनयिक बैठक को और अधिक सार्थक और यादगार बना दिया.
इटालियन व्यंजन को विश्व धरोहर का दर्जा
हाल ही में यूनेस्को ने इतालवी खाना पकाने को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में सूचीबद्ध किया. इस निर्णय की घोषणा नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक के दौरान हुई, जिसमें एंटोनियो ताजानी ने भाग लिया. यूनेस्को ने इस कदम को इटालियन व्यंजनों की सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक महत्वता के आधार पर महत्व दिया. इटालियन खाना पकाने को सामुदायिक गतिविधि माना जाता है, जिसमें साझा भोजन, स्थानीय सामग्रियों के प्रति सम्मान और खाने की मेज के आसपास बिताए गए पल महत्वपूर्ण होते हैं.
सोशल मीडिया पर ताजानी ने साझा किया जश्न
ताजानी ने अपने निजी सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “आज से इतालवी व्यंजन विश्व धरोहर स्थल यूनेस्को का हिस्सा बन गया है. नई दिल्ली स्थित दूतावास में हम इटली और दुनिया भर के इतालियंस के लिए इस महान उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं.” उन्होंने इस अवसर को इतालवी संस्कृति का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त होने का प्रतीक बताया.
Da oggi la Cucina Italiana è patrimonio dell’umanità #UNESCO. In Ambasciata a New Delhi festeggiamo questo grande risultato per l’Italia e per tutti gli italiani nel mondo. pic.twitter.com/kJrBiFm8yO
— Antonio Tajani (@Antonio_Tajani) December 10, 2025
इटली और भारत के बीच बढ़ती निकटता
राजनयिक और सांस्कृतिक विशेषज्ञों ने कहा कि ताजानी का यह कदम भारत और इटली के बीच बढ़ती कूटनीतिक निकटता को भी दर्शाता है. इटालियन व्यंजन के माध्यम से संस्कृति और मित्रता का संदेश देना एक सकारात्मक पहल थी. उपस्थित अधिकारी और राजदूत इस अनौपचारिक और सौहार्दपूर्ण प्रस्तुति से प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि भोजन और संस्कृति का यह संगम राजनयिक संबंधों में मानवतावादी पहल को उजागर करता है.
प्रधानमंत्री और इटली की प्रतिक्रिया
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस निर्णय का स्वागत किया और इसे इटालियन संस्कृति के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया. भारतीय राजनयिक और सांस्कृतिक समुदाय ने भी इस पहल की प्रशंसा की, इसे दो देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक सहयोग को प्रोत्साहित करने वाला कदम बताया.
ये भी पढ़ें- पत्नी ने एलिमनी लेने से किया मना, सास के कंगन तक लौटाए... सुप्रीम कोर्ट ने बताया तलाक का रेयर मामला